सिक्योरिटी गार्ड की हत्या मामले में हत्यारे पिता-पुत्र सहित 4 दोषियों को जुर्माना सहित आजीवन कारावास की सजा। गांव फैदां निवासी सिक्योरिटी गार्ड राजीव भाटिया की हत्या मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्यारे पिता-पुत्र सहित चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चारों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सजा पाने वालों में फैदां निवासी विनोद उर्फ लाला, प्रहलाद तिवारी, दुर्गेश तिवारी और रामदरबार निवासी बच्चन सिंह शामिल हैं। प्रहलाद तिवारी दुर्गेश का पिता है। चारों के खिलाफ सेक्टर-31 थाना पुलिस ने मृतक के भाई रवि भाटिया की शिकायत पर हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। रवि भाटिया ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि पिछले साल एक मार्च को रात करीब साढ़े आठ बजे वह ड्यूटी से घर आ रहा था। उसके साथ उसका दोस्त मुकेश भी था।
जैसे ही वे रेलवे लाइन से आगे घर की ओर बढ़े तो रास्ते में प्रहलाद तिवारी की दुकान के सामने बच्चन कबाड़ी, विनोद उर्फ लाला, प्रहलाद और उसके बेटे दुर्गेश ने मेरे भाई राजीव को पकड़ रखा था और उससे गाली गलौज कर रहे थे। जब तक हम दोनोें उनके पास पहुंचते उससे पहले ही लाला ने राजीव की छाती और पेट में चाकू घोंप दिया। हम मौके की ओर दौड़े तो चारों भागने लगे, लेकिन उन्होंने प्रहलाद और बच्चन को दबोच लिया।
वहीं खून से लथपथ हालत में राजीव को जीएमसीएच-32 ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से ही प्रहलाद और बच्चन को गिरफ्तार कर लिया। वहीं दुर्गेश और लाला फरार हो गए, जिन्हें पुलिस ने 8 मार्च को गिरफ्तार किया था। उनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद हो गया था। जांच में सामने आया था कि हत्या पैसे के लेन-देन को लेकर की गई थी।