देवेंद्र प्रजापत गुप्ति धाम में दो वर्षों से रसोइया के तौर पर कार्यरत था। देवेंद्र गुप्ति धाम में रह रहे 13 बच्चों के लिए खाना बनाता था। देवेंद्र संजीव सैनी को तलाश करते हुए उसके पास तक पहुंच गया। जहां पर उसने देखा कि पांच युवक संजीव को बंधक बनाए थे। उसने शोर मचा दिया। उसके शोर मचाने पर युवकों ने उस पर चाकू से वार कर दिया। साथ ही संजीव की पिटाई करने लगे।
बाद में जब देवेंद्र शोर मचाता रहा तो हमलावर वहां से दीवार फांदकर भाग गए। उनका शोर सुनकर धाम में रह रहा मध्यप्रदेश के गांव शाहमद का सोनू व आशीष जैन आ गए। उन्होंने संजीव को बंधनमुक्त किया। साथ ही एंबुलेंस बुलाकर देवेंद्र को तुरंत गन्नौर सीएचसी में ले जाया गया।
जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पहुंची गन्नौर जीटी रोड चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में भिजवा दिया है। पुलिस ने संजीव सैनी के बयान पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
देर रात वारदात की सूचना मिली थी। घटनास्थल का मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। अज्ञात हमलावरों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मौके पर डंडे व रॉड बरामद किए हैं। हमलावरों का पता लगाने के लिए तीन टीमों का गठन किया है। जल्द उनका पता लगाकर काबू किया जाएगा। -विनय कुमार, प्रभारी, औद्योगिक थाना क्षेत्र बड़ी।