अमेरिका के मैरीलैंड में हरियाणा में अंबाला के युवक को बेरहमी से गोलियों से भून दिया गया। वारदात को अफ्रीका मूल के कुछ लुटेरों ने अंजाम दिया। मृतक युवक का नाम जसविंद्र बताया जा रहा है। वह अंबाला स्थित नारायणगढ़ कस्बे के गांव लौटों का रहने वाला था।
मिली जानकारी के अनुसार, हत्यारे लूटपाट करके जसविंद्र को तड़पता छोड़कर चले गए। उन्होंने उसे छह गोलियां मारी। उसमें से एक गोली जसविंद्र के दिल में लगी। जसविंद्र की हत्या सूचना मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए।
पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया। शव को देश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां में जब जसविंद्र के परिजनों को मालूम चली तो यहां पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया।
सदमे में परिजन हो रहे बेहोश
जसविंद्र के घर पर आलम यह रहा कि जसविंद्र के पूर्व सैनिक पिता हवलदार जसपाल सिंह, माता निर्मल कौर व बहन पूरी तरह सदमे में हैं और कुछ नहीं बोल रहे हैं, जबकि जसविंद्र का बड़ा भाई बबल रोते-बिलखते हुए अपने परिजनों को संभालने में लगा हुआ है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढांढस बांधने में लगे रहे। कई बार ऐसे हालात पैदा हुए कि जसविंद्र के पिता, माता और बहन रो-रोकर बेहोश हो गए।
पिज्जा डिलीवर करने गया था, बरसा दी गोलियां
चार साल पहले लौटों गांव का 24 वर्षीय जसविंद्र अमेरिका में वर्क वीजा पर गया था। वहां उसने ग्रीन कार्ड के लिए भी आवेदन कर दिया था। वहां अमेरिका के मैरीलैंड के चर्चित शहर बाल्टीमोर में जसविंद्र ने पिज्जा डिलीवरी का काम शुरू किया।इस काम के लिए उसने दो गाडिय़ां भी खरीदी। जसविंद्र ने अपने सहायक के साथ इन गाडिय़ों को एक मशहूर पिज्जा कंपनी में लगा लिया।
पिज्जा कंपनी उन्हे पिज्जा डिलीवरी के आर्डर देती थी और जसविंद्र अपनी गाड़ी में उस पिज्जा को शहर के विभिन्न हिस्सों में डिलीवर करता था। इसी आर्डर के चलते जसविंद्र आधी रात डेढ़ बजे एक पिज्जा आर्डर डिलीवर करने अपने गाड़ी से निकला। वह उस इलाके में गया, जहां से पिज्जा का आर्डर आया था। इलाका थोड़ा सुनसान था। वहां कुछ संदिग्ध अफ्रीकन मूल के लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी।
जसविंद्र को छह गोलियां लगी और वे बुरी तरह से जख्मी हो गया। मगर एक गोली जसविंद्र के दिल पर जा लगी। जिससे उसकी मौत हो गई। उधर, लुटेरे लूटपाट कर फरार हो गए।
उधर शव आने में देरी, इधर तड़प रहे परिजन
मृतक के बड़े भाई बबल ने रोते हुए बताया कि उन्हे अपने भाई का शव चाहिए। उनके अनुसार उनका भाई ही सकारात्मक सोच का युवक था और हमेशा खुश रहता था। कुछ दिन पहले भी उसने फोन पर अपने काम के बारे में बताया और वे अपने काम से संतुष्ट था। उनके अनुसार उसकी नेचर इतनी अच्छी थी कि कोई भी उसका दुश्मन नहीं हो सकता था।
उसके अनुसार शायद पिज्जा का आर्डर भी लुटेरों ने फर्जी ही दिया था, ताकि वे उसके भाई को मारकर लूटपाट कर सके। उसके अनुसार अब वहां पुलिस ने उसके भाई के शव को अपनी कस्टडी में रख लिया है, स्थानीय प्रशासन उन्हे अपने भाई का डेथ सर्टिफिकेट देने में आनाकानी कर रहा है।
जबकि इधर उनके पिता, माता और बहन का तो रो-रोकर इतना बुरा हाल हो चुका है कि वे सदमे में चली गई हैं। उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मांग की है कि वे उनके भाई के शव को जल्द भारत लाने में उनके परिवार की मदद करे।
पीड़ितों के बारे में मुझे सूचना मिल चुकी है। इस बारे में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात करके पीड़ित परिवार की पूरी मदद कराऊंगा। सबसे पहले जसविंद्र के शव को भारत लाए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पीड़ित परिवार थोड़ा संभल सके। यह बहुत ही दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना है।
-नायब सैनी, अक्षय ऊर्जा व खनन राज्यमंत्री, हरियाणा सरकार