अंदर से पूछा गया कौन है, इस पर नौजवानों ने कहा कि वे बलविंदर के दोस्त हैं। जैसे ही बलविंदर ने घर का दरवाजा खोला, दोनों नौजवानों ने उस पर पांच गोलियां चलाई और फरार हो गए। बलविंदर के पेट में दो गोलियां लगी और वह फर्श पर गिर गया। एक गोली फ्रिज और दो गोलियां बाहरी दरवाजे पर लगी।
गोलियों की आवाज सुन बलविंदर की पत्नी और अन्य परिजन घर के गेट की तरफ भागे। आसपास के लोग भी बलविंदर के घर के पास जमा हो गए। इसके बाद बलविंदर को एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।