5 साल के बच्चे ने कोर्ट में पिता के मर्डर की कहानी सुनाई। जिसके आधार पर मां और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा हुई। अंबाला के एडिशनल सेशन जज डॉ. संजीव आर्य की कोर्ट में केस की सुनवाई हुई।
मासूम बच्चा गवाही देने पहुंचा और उसने रो-रो की उस खूनी रात की दास्तां सुनाई। जिसे सुनने के बाद जज ने आरोपी रेखा और उसके प्रेमी रूप सिंह को उम्रकैद की सजा सुना दी। दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
वारदात अगस्त 2015 में अंजाम दी गई। 18 अगस्त 2015 को पंजोखरा की पुलिस ने गांव जटवाड़ के एक कमरे से चारपाई से बंधा शव बरामद किया था। मृतक की पहचान राधेश्याम के रूप में हुई थी।
बातचीत करने आया था, बेरहमी से हत्या कर दी
हत्या
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आसपास पूछताछ करने पर पता चला कि यहां रेखा और रूप सिंह नामक युवक युवती किराए पर रहते थे, जो अब फरार थे। उन्होंने खुद को पति-पत्नी बताकर मकान किराए पर लिया था। पुलिस को मामले की शिकायत मलिंद्रपाल नामक व्यक्ति ने दी थी, जो वहीं एक अन्य मकान में किराए पर रहता था।
इसके बाद पुलिस ने छापेमारी करके रानी उर्फ रेखा और रूप सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में पता चला कि रेखा मृतक राधेश्याम की पत्नी थी और कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश स्थित अपने गांव से भागकर जटवाड़ पहुंची थी।
वारदात वाले दिन राधेश्याम अपने बेटे को लेकर पत्नी रेखा और उसके प्रेमी रूप सिंह से बातचीत करने आया था, लेकिन देर रात रेखा ने अपने प्रेमी रूप सिंह के साथ मिलकर राधेश्याम को चारपाई से बांधकर मार डाला, फिर दोनों फरार हो गए थे।