आखिरकार ट्रक से कुचलने से पांच की मौत व तीन घायलों की घटना के मामले में तीन दिन बाद पुलिस की नींद खुली और आरोपियों पर बुधवार को धारा-302 दर्ज किया। वारदात स्थल की हालत रंजिश के तहत ट्रक को माध्यम बनाकर हत्या करना बयां कर रहा था। लेकिन, पुलिस ने पहले गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था।
अमर उजाला ने वारदात के दिन ही मामले की इनवेस्टिगेशन के बाद रंजिश में पांच की हत्या करने का समाचार प्रकाशित किया था। अमर उजाला की जांच में वारदात स्थल से ऐसे कई प्वाइंट मिले थे, जिनके आधार पर लड़ाई के बाद इरादतन हत्या का मामला साफ था। लेकिन, पुलिस की नींद वारदात के तीन दिन बाद खुली और हत्या का केस दर्ज किया गया।
स्मार्ट पुलिस की ढीली कार्रवाई
कागजों पर स्मार्ट पुलिस का दावा करने वाली यूटी पुलिस की नाकाम कार्रवाई सामने आई। वारदात के तीसरे दिन भी पुलिस आरोपियों का सुराग लगाने में नाकाम रही है। जबकि, वारदात स्थल से एक आरोपी काबू, ट्रक मालिक की पहचान, आरोपियों का दस्तावेज व फोटो मिला था। लेकिन, स्मार्ट पुलिस गिरफ्तारी तो दूर, सही सुराग पर छापामारी भी नहीं कर पा रही है। हाईटेक पुलिस अपनी नाकामी छिपाने में लगी है।
तीनों घायलों की हालत में सुधार
जीएमएसएच-32 में इलाज के बाद ड्यूटी डाक्टरों ने तीनों घायलों की हालत खतरे से बाहर बताया है। तीनों घायल यूपी के कुशीनगर निवासी हैं। वे पिछले 18 साल से चंडीगढ़ में काम कर रहे थे। वारदात में इनके एक साथी की जान चली गई।
मृतकों को राजस्थान में अंतिम विदाई
पोस्टमार्टम के बाद एक ही परिवार के चार मृतकों को बुधवार को राजस्थान में अंतिम विदाई दी गई। मृतक को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा एरिया पहुंचा था। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन था। दूसरी तरफ मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।