घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी
जानकारी के अनुसार, भैरी अकबरपुर में सुभाष की ढाणी में सुरेश और प्रभु का मकान है। सुरेश और प्रभु ने मकान का रेनोवेशन हाल ही में कराया है। मकान में बिजली का काम पूरा नहीं हुआ है। शुक्रवार रात परिवार खाना खाने के बाद अलग-अलग कमरों में सो गया था। प्रभु बाहर बरामदे में सोया था। बताया जा रहा कि रात को पावर तेज आने के बाद चिंगारी निकली और लाइट चली गई।
इसी दौरान इनवर्टर चालू हो गया और चिंगारी की वजह से घर में आग लग गई। आग फैलने लगी तो सबसे पहले प्रभु की नींद टूटी। वह कुछ समझ पाता इससे पहले आग फैल चुकी थी। प्रभु ने शोर मचाया और आग बुझाने के लिए पानी लेने दौड़ा। शोर सुनकर सुरेश जाग गया और आग के बीच में से अपने बेटे रजत को निकाल कर बाहर छोड़ आया। इसके बाद दूसरे सदस्यों की जान बचाने के लिए अंदर चला गया।
इसी दौरान आग पर काबू पाने के लिए प्रभु ने बाहर से पानी फेंक दिया। बताया जा रहा है कि पानी फेंकने के कारण घर में करंट दौड़ गया। करंट लगने के डर से लोग बाहर नहीं निकल पाए और आग की चपेट में आ गए। आग की चपेट में आने से सुरेश की पत्नी सुमन (37), बेटी रजनी (14) और बेटी निशा (12) जिंदा जल गईं।
जबकि सुरेश (38), उनकी बेटी गीता (16) और प्रभु (42) की बेटियां आरती और पूजा गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई तो भूना से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। फतेहाबाद के एसपी दीपक सहारण ने मौके का मुआयना किया। घटनास्थल पर एफएसएल टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।
पूर्व विधायक ने की 25-25 लाख रुपये देने की मांग
पूर्व विधायक नरेश सेलवाल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को प्रति मृतक 25-25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। घायलों के इलाज का खर्च भी सरकार को वहन करना चाहिए।
मामले की जांच की जा रही है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। जो भी संभव मदद होगी की जाएगी। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। - दीपक सहारण, एसपी, फतेहाबाद।