नाबालिग को सीआईए स्टाफ में करेंट लगाने व थर्ड डिग्री देने की घटना में बेशक मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है लेकिन आशा की किरण न देखकर नाबालिग की मां ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को पत्र लिखा है कि अगर उसको इंसाफ न मिला तो वह परिवार समेत ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर लेगी। इस मामले में आईपीएस अधिकारी नवीन सिंगला की जांच में मुलाजिमों को क्लीन चिट दिए जाने की घटना से परिवार में रोष है।
नाबालिग की मां सुनीता ने मुख्यमंत्री बादल को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि 28 अप्रैल को पुलिस ने उसके बेटे को गिरफ्तार किया था। वह नाबालिग था लेकिन उसको बालिग बताकर कोर्ट से रिमांड लिया गया और बाद में सीआईए स्टाफ ले जाकर करेंट लगाया गया।
29 अप्रैल को उसका नाबालिग बेटा पुलिस कस्टडी से डरकर फरार हो गया और जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर दो रात तक सोया रहा। खौफजदा बेटा जब लौटा तो पुलिस की थर्ड डिग्री की दास्तां उसका शरीर बयां कर रहा था।
सुनीता ने कहा कि यह मामला डीजीपी सुरेश अरोड़ा और पुलिस कमिश्नर ईश्वर सिंह के ध्यान में लाया गया था। इसकी जांच आईपीएस नवीन सिंगला को सौंपी गई।
सुनीता के मुताबिक उसको एक बार भी जांच में शामिल नहीं किया गया और सीधा मुलाजिमों को क्लीन चिट दे दी गई। सुनीता ने आरोप लगाया कि एडीसीपी नवीन सिंगला अपने मुलाजिमों को साफ बचा गए।
सुनीता के मुताबिक नाबालिग बेटे को करेंट लगाया गया और कोई भी स्थानीय नेता उनका हाल चाल जानने के लिए नहीं आया। सुनीता ने कहा कि अगर उसके परिवार को मजिस्ट्रेट की जांच में इंसाफ न मिला तो वह परिवार समेत गुरुनानकपुरा रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर लेंगी।