आरुषि-हेमराज हत्याकांड में उम्रकैद की सजा भुगत रहे डा. राजेश और नुपूर तलवार के जमानत प्रार्थनापत्र पर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है।
इससे पूर्व कोर्ट ने तलवार के अधिवक्ता से जमानत याचिका का बिंदुवार सारांश तथा लिखित बहस दाखिल करने का निर्देश दिया था।
याचिका पर न्यायमूर्ति राकेश तिवारी और न्यायमूर्ति एके अग्रवाल की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। सीबीआई के अधिवक्ता ने भी अपना जवाब दाखिल किया।
तलवार दंपति के वकीलों ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर सजा सुनाए जाने पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि विशेष न्यायाधीश ने साक्ष्यों का आंकलन सही तरीके से नहीं किया।
घटनास्थल पर तीसरे पक्ष की मौजूदगी से संबंधित साक्ष्यों का यदि सही मूल्यांकन किया जाता तो असली गुनहगारों को सजा दिलाई जा सकती थी। तलवार दंपति के वकीलों ने हत्याकांड को लेकर बताई गई सीबीआई की कहानी पर भी सवाल उठाए हैं।