इसके बाद परिवार ने उसे कई बार समझाया। उसने कहा कि इस दौरान उसकी बेटी ममता गर्भवती हो गई तो उन्होंने अपने जमाई अमन कुमार को ममता की डिलीवरी मायके में करवाने के लिए कहा। लेकिन वह हर बार उसकी डिलीवरी एक दाई से कराने का दबाव डाल रहा था। उसने कहा कि बुधवार को अमन कुमार ने उसकी गर्भवती बेटी से बुरी तरह मारपीट की।
इस दौरान आस-पास के लोगों ने उसे छुड़वाया। इसके बाद उसकी बेटी का पेट दर्द होने लगा। इस पर अमन कुमार ने उन्हें सूचना दिए बिना ही स्थानीय साधावाली बस्ती में रह रही दाई दर्शना देवी को घर ले आया। उसने कहा कि दाई ने उसकी बेटी को टीके व ग्लूकोज लगाकर सारा दिन अपने घर में एक बेड पर लेटाए रखा।
देर शाम डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। उसने बताया इसके बाद उसके जमाई अमन कुमार ने उन्हें दोनों के मौत की सूचना दी। जब वह साढे़ सात बजे अपने बेटे सनी व अन्य रिश्तेदारों के साथ मोगा में दाई दर्शना के घर पहुंचे तो दाई मौके से फरार हो चुकी थी। दाई ने गुनाह को छुपाने के लिए नवजन्मी बच्ची को एक बोरी में डालकर घर में ही छुपा दिया ।
उन्होंने इसकी सूचना थाना सिटी साउथ की पुलिस को दी। पुलिस पार्टी समेत पहुंचे एएसआई धर्मपाल सिंह ने मौके पर ही पति अमन कुमार को हिरासत में ले लिया। मृतक महिला व उसकी मृतक बच्ची के शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में रखवा दिया है। पुलिस ने फरार हुई दाई दर्शना देवी व अमन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।