आठ हत्याओं व एक दर्जन से अधिक हत्या के प्रयास सहित दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों के मोस्ट वांटेड व लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य शॉर्प शूटर संपत नेहरा को यमुनानगर की सीआईए टू की टीम ने प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। संपत अभिनेता सलमान खान की हत्या की साजिश भी रच रहा था। संपत पर मई 2017 में यमुनानगर में इनेलो से पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भाई व पार्टनर और अगस्त 2017 में ऑर्किच स्क्वायर होटल व नीलगिरी प्लाइवुड के संचालक के घर पर फायरिंग कर हत्या के प्रयास का केस दर्ज है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान आरोपी से दोनों वारदातों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) द्वारा हैदराबाद से गिरफ्तार करने के बाद भिवानी पुलिस ने व्यापारी रोहित गोयल को गोली मारने के मामले में संपत नेहरा को प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। पांच दिन के रिमांड के बाद यमुनानगर की सीआईए वन की टीम भिवानी से संपत नेहरा को लेकर आई। आरोपी को लाने के लिए सीआईए स्टाफ भारी पुलिस बल के साथ उसे यहां लेकर पहुंचा। पुलिस ने संपत को कोर्ट में पेश कर उसका तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस के हाथ कई बड़े मामले लग सकते है। बता दे कि हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व दिल्ली में संपत मोस्टवांटेड था। जिसे गुड़गांव की एसटीएफ ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया था।
पहला केस
पूर्व विधायक के भाई व पार्टनर पर फायरिंग : 26 मई 2017 की शाम को पूर्व इनेलो विधायक दिलबाग सिंह के बड़े भाई राजेंद्र सिंह व पार्टनर संजीव गुप्ता हुडा सेक्टर-17 एससीओ नंबर-146 में फर्स्ट फ्लोर स्थित कार्यालय में बैठे हुए थे। राजेंद्र के अनुसार करीब सवा सात बजे न्यू फ्रेंड्स कालोनी निवासी सूर्य प्रताप सिंह, तीन अन्य युवक हाथों में पिस्तौल लिए हुए आए। सूर्य प्रताप सिंह व एक युवक कार्यालय में आए। आते ही आरोपियों ने उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग में राजेंद्र की बाईं टांग की जांघ व बाई हाथ की उंगली में गोली लगी थी। जबकि एक गोली उनके पार्टनर संजीव गुप्ता के बाएं पैर के घुटने में लगी थी। राजेंद्र ने बताया था कि उन्हें गोली मारने की साजिश जेल में बंद फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी जोगिंद्र सिंह व उसके बड़े लड़के काला राणा ने रची थी।
इसके लिए आरोपियों ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे व शॉर्प शूटर संपत नेहरा को फायरिंग करने के लिए भेजा था। तब पुलिस ने मामले में राजेंद्र सिंह के बयान पर फ्रेंड्स कालोनी निवासी सूर्य प्रताप सिंह, उसके बड़े भाई काला राणा व उनके पिता जोगिंद्र सिंह व तीन अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में काला राणा, काली राजपूत, बैंकट गर्ग, शुभम, सूर्यप्रताप उर्फ नोनी की गिरफ्तारी हो चुकी है। संपत नेहरा को अब गिरफ्तार किया गया है। मामले में अभी जोगिंद्र सिंह की गिरफ्तारी बाकी है। जो विदेश गए हुए हैं।
दूसरा केस
76 दिन बाद ऑर्चिड स्क्वायर होटल के संचालक के घर पर की थी फायरिंग, ड्राइवर को लगी थी गोली :
इनेलो पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भाई व पार्टनर पर हमला करने के 76 दिन बाद 10 अगस्त 2017 को यमुनानगर बस स्टैंड के पीछे पीडब्ल्यूडी एक्सईएन के क्वार्टर के सामने आर्किच होटल व नीलगीरी प्लाइवुड संचालक विकास क्वात्रा के घर पर दो युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। विकास क्वात्रा भी पूर्व विधायक दिलबाग सिंह का बिजनेस में पार्टनर है। काला राणा व संपत सिंह इससे फिरौती वसूलना चाहते थे। इसी के चलते तीन युवक घर के बाहर गेट पर बाइक लेकर खड़े हो गए। तीन-चार सेकेंड में ही बदमाशों ने 32 बोर की पिस्टल से ताबड़तोड़ पांच राउंड फायर किए। फायरिंग में एक गोली ड्राइवर जयनारायण की टांग को चीरती हुई निकल गई। जबकि सिक्योरिटी गार्ड दिलीप सिंह बाल-बाल बच गया।
एक गोली कार के शीशे में लगी। गोली चलाने की वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। तक पुलिस ने मामले में पांच अज्ञात युवकों पर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इस केस में दीपक उर्फ टीनू, दीपक कटारिया, संपत नेहरा, कलावड़ के पूर्व सरपंच रविंद्र राणा, गुरदीप, तन्नू, अंकित भादू, मिथुन व अरविंद को आरोपी बनाया गया था। बाद में सभी आरोपी गिरफ्तार भी किए गए थे।
सलमान खान की हत्या की थी साजिश, वारदात करने के बाद भागता विदेश :
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने सलमान खान को काला हिरण का शिकार करने के मामले में जान से मारने की धमकी दी थी। लॉरेंस बिश्रोई ने संपत को सलमान पर नजर रखने के लिए और उसकी हत्या करने का आदेश दिया गया था। संपत नेहरा दो माह से सलमान का पीछा कर रहा था और सलमान के हर मूवमेंट पर नजर रखे हुआ था। नेहरा ने सलमान के मुंबई स्थित घर की रेकी की थी। सलमान कहां जाते हैं, कब फैंस से मिलने बालकनी में आते हैं। उनके आसपास कितने गार्ड्स होते हैं।
सब जानकारी इकट्ठा कर ली थी। साथ ही सलमान के घर की बालकनी तक की दूरी नापी थी और उनके घर की कुछ फोटोज भी क्लिक की थी। लेकिन हत्या की साजिश पुलिस ने नाकाम कर दी है। नेहरा की प्लानिंग थी कि वो सलमान को उनके घर की बालकनी में ठोककर विदेश भाग जाता।
दो लाख का इनामी बदमाश था संपत, करोड़ों की सुपारी लेकर करता था मर्डर :
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य शॉर्प शूटर संपत नेहरा सुपारी मर्डरर था। लारेंस बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद संपत नेहरा ही मुखिया बनकर गैंग को संचालित कर रहा था। करोड़ों की सुपारी लेकर हत्या करना ही इसका मुख्य पेशा था। इस पर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ सहित उत्तर भारत के राज्यों में हत्या, लूट, फिरौती के दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज है। इस कुख्यात अपराधी पर हरियाणा, पंजाब और राजस्थान को मिलाकर कुल दो लाख का इनाम था।
दो साल सोशल मीडिया पर रहा अपडेट, फिर भी पुलिस नहीं कर पाई गिरफ्तार :
संपत नेहरा सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था। संपत नेहरा के नाम से दो फेसबुक आईडी बनाई हुई थी। दोनों फेसबुक आइडी पर संपत नेहरा अपडेट रहता था। इस दौरान उसके दोस्त व स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन पंजाब यूनिवर्सिटी के सदस्य भी उससे बातचीत करते थे। लेकिन फिर भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई। कॉलेज लाइफ में बनाई गई एफबी पर गिरफ्तारी होने से पहले अंतिम बार संपत ने 24 मई को अर्धनग्र हालत में फोटो अपलोड की। जिसमें टाइटल में लिखा मुझे हाथ की रेखाओं पर इसलिए विश्वास नहीं हैं.. क्या खोलेगी किस्मत मेरी। इससे पहले 13 मई को 4 बजकर 6 मिनट पर अपने एक साथी के साथ फोटो अपलोड की। जिसके टाइटल में लिखा शोरगुल मचाने से नाम नहीं बनता, काम ऐसा करो की खामोशी भी अखबारों में छप जाए।
इससे पहले दस अप्रैल को अपनी अर्धनग्न फोटो अपलोड करके टाइटल में लिखा मत लो मेरे सब्र के बांध का इम्तेहान, जब-जब ये टूटा तूफान ही आया है। इससे पहले भी कई फोटो व संदेश अपलोड कर पोस्ट किए, लेकिन पुलिस इसका सुराग लगाने में नाकामयाब रही। इस बीच आरोपी ने एक के बाद एक कई वारदातों को अंजाम दिया।
चंडीगढ़ पुलिस में है पिता, प्रेमिका है कांस्टेबल :
राजस्थान के चुरू जिले के कालोर्ग निवासी संपत नेहरा लंबे समय से चंडीगढ़ में रहा। संपत के पिता चंडीगढ़ पुलिस में ही एक मुलाजिम है। जबकि उसकी प्रेमिका भी चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल है। इसी प्रेमिका से फोन पर बातचीत करते हुए संपत एसटीएफ के जाल में फंस गया। वह खुद शानदार एथलीट था। पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए वह अबोहर के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आया और अपराध की दुनिया में ऐसा उतरा कि सीधे गैंगस्टर बन गया। पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल के चुनाव के वक्त भी वह काफी चर्चा में रहता है। यूनिवर्सिटी में नेहरा सोपू (स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन पंजाब यूनिवर्सिटी) का प्रदेश अध्यक्ष बना हुआ था। जिसे लारेंस बिश्नोई की सपोर्ट था।