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इधर चल रहा था एनकाउंटर, उधर अपडेट हो रहा था मारे गए अंकित भादू का फेसबुक...अब बना रहस्य

Fri, 08 Feb 2019 12:23 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जीरकपुर (पंजाब)
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जीरकपुर एनकाउंटर
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राजस्थान के कुख्यात गैंग लारेंस बिश्नोई के नामी गैंगस्टर अंकित भादू का पंजाब पुलिस ने जीरकपुर के गांव पीरमुच्छल्ला में एनकाउंटर कर दिया। जबकि उसके 2 अन्य साथियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरमिंदर सिंह उर्फ गिंदा काणा और जर्मनजीत उर्फ जर्मन निवासी अमृतसर के रूप में हुई है। 

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पुलिस के अनुसार, 30 से 35 मिनट तक चले इस ऑपरेशन में गैंगस्टर अंकित और पुलिस के बीच काफी फायरिंग हुई, जिसमें अंकित भादू जख्मी हो गया और  सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां डॉक्टरों ने गैंगस्टर अंकित भादू के मृत होने की पुष्टि की है। दूसरी ओर, पुलिस ने अंकित के साथ रहने वाले 2 अन्य गैंगस्टरों खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।

पहचान छिपाकर बैठे थे गैंगस्टर, पुलिस को मिली सूचना

अंकित भादू का फेसबुक अकाउंट हो रहा था अपडेट
पीरमुच्छल्ला में एनकाउंटर को लीड कर रहे आर्गेनाइज क्राइम कंट्रोल (ओसीसी) के एआईजी गुरमीत चौहान ने बताया कि राजस्थान के गैंग लारेंस बिश्नोई के कुख्यात गैंगस्टर अंकित भादू के पंजाब में छिपे होने की सूचना मिली, जिसकी तलाश के लिए ओसीसी टीम के सदस्य लंबे समय से जुटे थे।

टीम के सदस्यों को पता चला कि गैंगस्टर अंकित भादू अपने 2 अन्य साथियों के साथ जीरकपुर के गांव पीरमुच्छल्ला में अपनी पहचान छिपाकर फ्लैट किराए पर लेकर रह रहा है। दूसरी ओर, सूचना को आधार बनाकर डीएसपी विक्रमजीत बराड़ के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। 
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कौन चला रहा अंकित भादू का फेसबुक अकाउंट 

पुलिस की गिरफ्त में गैंगस्टर अंकित का साथी
अंकित भादू के एनकाउंटर के बाद उसका फेसबुक अकाउंट कौन चला रहा है। उसके अकाउंट पर डाले के अपडेट्स में चैनल वालों को लास्ट वार्निंग दी जा रही है। लिखा गया है कि चैनल वालों झूठी अफवाह न फैलाओ। ये लास्ट चेतावनी है। सलाम शहीदा नूं।  

मंजू ने पति और भाई को बताई आप बीती 
जब पुलिस और गैंगस्टर अंकित भादू के बीच फायरिंग चल रही थी। उसी समय लक्ष्मी अपार्टमेंट की मंजू काफी डर गई। दस मिनट तक तो वह समझ नहीं पाई, कि ये हो क्या रहा है। उसके बाद उसने अपने पति विकास और अपने भाई सोनू को कॉल कर मामले की जानकारी दी। दोनों भागकर मौके पर पहुंचे तो फायरिंग चल रही थी। शाम साढ़े छह से रात साढ़े नौ बजे तक विकास और मोनू बाहर खड़े रहे। मंजू का भाई और उसका पति उसकी खैरियत जानते रहे। वह इतना डर गई थी।
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