चंडीगढ़ में ड्यूटी से लौट रही लेडी कांस्टेबल के साथ मनचलों ने छेड़छोड़ करने की कोशिश की, लेकिन वर्दी देखकर वे भाग गए। इस घटना की सूचना से पुलिस विभाग में हड़कंप मंच गया। पुलिस विभाग और लोगों में दिनभर कांस्टेबल से छेड़छाड़ करने की घटना को लेकर चर्चा रही। लोगों के मन में डर भी था कि जब लेडी कांस्टेबल के साथ सरेराह युवक छेड़छाड़ करने की घटना को अंजाम दे सकते है तो आम महिला, लड़की शहर में कैसे महफूज रह सकती है।
मंगलवार रात को छेड़छाड़ की सूचना पुलिस को देने वाली महिला कांस्टेबल ने बुधवार को किसी के खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं दी है। हालांकि, कांस्टेबल का कहना कि मंगलवार रात को 12 बजे जब वह अपनी संतरी ड्यूटी खत्म करके वापस मनीमाजरा स्थित घर जा रही थी कि थाने के साथ बने शिवालिक गार्डन के गेट के सामने चार युवक अपनी गाड़ी खड़ी करके हुड़दंग मचा रहे थे। वह उसको अकेला देखकर उसकी तरफ बढे़ लेकिन जैसे उन्होंने उसे पुलिस की वर्दी में देखा तो वह भाग गए। जिसकी सूचना उसने थाने में दी।
सूचना मिलते ही थाना पुलिस व नाइट पेट्रोलिंग कर रहे सभी पुलिस कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे गए। यहीं नहीं इस घटना से पुलिस कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। जिस वजह से नाइट ड्यूटी पर तैनात मुंशी तक घटनास्थल पर पहुंच गए। आईओ ड्यूटी करने वाले एएसआई बहादुर सिंह ने मौके पर पहुंचकर गार्डन के पास पार्किंग में गाड़ी लगाकर बैठे चार-पांच लोगों को वहां घेरकर लेडी कांस्टेबल को शिनाख्त के लिए भी बुलाया। जांच अधिकारी का कहना कि लेडी कांस्टेबल घर जाकर वापिस नहीं आई।
वहीं उसने बुधवार सुबह भी कोई शिकायत नहीं दी है। जिसके चलते किसी पर कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। हालांकि रात को जो चार-पांच लोग पकड़े थे, उनको पूछताछ के बाद छोड़ा गया क्योंकि वे हुड़दंगी नहीं थे। हालांकि, सुबह फिर इन लोगों को शिनाख्त के लिए थाना बुलाया गया था। जो थाने के बाहर सब्जी मंडी में काम करने वाले थे।
कुछ लड़के सड़क किनारे हुड़दंग मचा रहे थे, उन्हीं के बारे महिला सिपाही ने सूचना दी थी। छेड़छाड़ जैसी कोई घटना नहीं हुई।
- अमराओ सिंह, डीएसपी चंडीगढ़ पुलिस
सुलगते सवाल
देर रात तक थाने में ड्यूटी करने वाली महिला पुलिस कर्मचारियों की सुरक्षा के विभाग ने क्यों इंतजाम नहीं किए है। क्यों विभाग की गाड़ी रात को ऐसी महिला कर्मचारियों को घर छोड़ने नहीं जाती है। जबकि पुलिस ने रात को शहर की महिलाओं को छोड़ने के लिए पीसीआर सुविधा शुरू की हुई है। वहीं समाजसेवी रामेश्वर गिरि का कहना है कि देर रात को असामाजिक तत्व सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करके शराब पीते हैं।
उनका कहना है कि मनीमाजरा के शिवालिक गार्डन के अंदर रात को नशा करने वाली की भारी भीड़ होती है। लेकिन पुलिस ऐसे पार्क और गार्डन में रात को बैठकर शराब पीने वालों के खिलाफ नकेल नहीं कसती है। इसके साथ ही रात को गार्डन की पार्किंग के नजदीक पकड़े गए उक्त पांचों लोग वहां आधी रात को क्या कर रहे थे। जबकि मंडी रात को 10 बजे ही बंद हो जाती है।
16 नवंबर को चार युवकों ने पीटा था थाना प्रभारी के गनमैन को
मौली जागरां के थाना प्रभारी बलदेव कुमार के गनमैन पंकज को घर जाते हुए बीच सड़क पर बुरी तरह पीटकर उसका हाथ तोड़ दिया है। ऐसे में रात को कोई भी महफूज नहीं है। जब तक पुलिस रात को खुलेआम बैठकर शराब पीने वालों और बिना वजह सड़क पर बैठे लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू नहीं करती है।