एटीएम कार्ड रिन्यू करवाने के नाम पर हरियाणा के डिप्टी एजी से 49 हजार 991 रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को बैंक का मैनेजर बताते हुए डिप्टी एजी से फोन पर कार्ड नंबर, ओटीपी सहित तमाम अहम जानकारियां हासिल कर, महज चंद घंटों में साइबर अपराध के जरिये ठगी की वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पिंजौर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
अमरावती एन्क्लेव में रहने वाले 55 वर्षीय डिप्टी एजी जसवीर सिंह के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने सोमवार दोपहर बाद करीब 1.30 बजे फोन कर खुद को एसबीआई का मैनेजर बताते हुए एटीएम की अवधि 2018 में समाप्त होने का हवाला देते हुए कार्ड रिन्यू करवाने का झांसा दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि खुद को एसबीआई हेड ऑफिस, चंडीगढ़ में असिस्टेंट मैनेजर अंकित वर्मा बताते हुए आरोपी ने फोन किया। उसने एटीएम रिन्यूअल की तारीख और कार्ड का 16 डिजिट नंबर पूछा।
इसके साथ ही उसने कार्ड के तीन अन्य डिजिट नंबरों की भी जानकारी ले ली। बार-बार पिन सहित अन्य जानकारियां मांगे जाने पर जसबीर सिंह को शक हुआ, लेकिन कथित मैनेजर के झांसे में आकर उन्होंने तमाम जानकारियां दे दी। आरोपी ने फोन पर बातचीत के दौरान फोन होल्ड पर रखने के लिए कहते हुए शिकायतकर्ता के मोबाइल पर मिले छह डिजिट का नंबर भी हासिल कर लिया। एक के बाद एक आरोपी ने पांच बार पासवर्ड का सुराग हासिल कर लिया।
आरोपी ने बातचीत में यह भी कहा कि आपके खाते से रुपये नहीं कटेंगे और अगर ऐसा कुछ होता है तो आप एफआईआर दर्ज करवा देना। मैंने आपसे पिन नंबर या एकाउंट नंबर तो नहीं पूछा। पुलिस ने पिंजौर थाने में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पांच बार आरोपी ने की ट्रांजैक्शन
शिकायतकर्ता जसबीर सिंह ने बताया कि उनके खाते से 19,995 रुपये के ट्रांजेक्शन का मैसेज आया। इसके बाद शक होने पर उन्होंने तत्काल बैंक के टोल फ्री नंबर पर फोन कर कार्ड ब्लॉक करवाने को कहा। लेकिन इसी बीच उनके अकाउंट से 9,997, 5000, 5000 रुपये और इसके बाद फिर 9,999 हजार निकालने के मैसेज मिले।
उन्होंने बताया कि एक ही दिन में महज चंद मिनटों में उनके खाते से 49,991 रुपये का ट्रांजैक्शन कर लिया गया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर, उसे सजा देने की मांग की है। डिप्टी एजी ने कहा कि इस मामले की जांच साइबर एक्सपर्ट से भी करवाने की मांग की गई हैं ताकि आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो सके।
फेक कॉल आने पर बरते सावधानी
- एटीएम, क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कोई जानकारी ऑनलाइन अगर पूछे तो उसे न दें।
- ओटीपी या पासवर्ड शेयर न करें, फिर भी साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं तो तत्काल कार्ड ब्लॉक करवाएं ताकि कुछ रकम खाते में बच सके।
- अगर बैंक कर्मी बताकर किसी मोबाइल नंबर या अलग अलग नंबर से बात करें तो तत्काल इसकी सूचना बैंक को दे।
- फिर भी कोई शक हो तो पुलिस को कॉल कर संबंधित नंबर के बारे में जानकारी दे।