छह महीने पुराने छेड़छाड़ के मामले की सोमवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। एडिशनल सेशन जज जसविंदर शिमार की अदालत ने टीचर आनंद अग्रवाल को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही छह हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जबकि धारा-376 के आरोप में उसे बरी कर दिया गया।
जानकारी के घटना मुताबिक 31 मार्च 2014 जीरकपुर की है। पुलिस थाने में दी शिकायत में पीड़ित छात्रा ने बताया था कि वह बीकॉम फ र्स्ट ईयर कॉमर्स की पढ़ाई कर रही है। 31 मार्च की दोपहर वह आनंद अग्रवाल जो कि ममता एन्कलेव में ट्यूशन पढ़ाता है। उसके पास वह ट्यूशन पढ़ने के लिए गई थी। उस दिन वहां पर कोई विद्यार्थी ट्यूशन पढ़ने नहीं आया था। दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब जैसे ही वह पढ़ने के लिए उसके कमरे में बैठी। तो टीचर आनंद अग्रवाल ने कमरे की कुंडी लगा ली। जिसके बाद उसने उससे बलात्कार करने की कोशिश की। परंतु वह किसी तरह उससे बचकर भागने में कामयाब रही। इसी दौरान टीचर ने उसके शरीर पर कई जगह दांत लगा दिए थे।
जिसके बाद उसने तुरंत पिता को फोन पर सूचित किया। मौके पर पिता भी पहुंच गया और लोग भी इकट्ठे हो गए। लोगों को इकट्ठा होता देख आनंद मौके से फरार हो गया था। जिसके बाद पुलिस जीरकपुर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।