महिला के मुताबिक सोमवार की सुबह जब उसे होश आया तो उसने देखा कि उसके कपड़े फटे हुए थे और वह सुनसान जगह पर बने एक घर के कमरे में थी। महिला के अनुसार सुबह करीब आठ बजे उसके कमरे में एक लड़की आई और उसे कहने लगी कि जल्दी करो और यहां से भाग जाओ, नहीं तो अगर भोली आ गई तो उसके साथ मारपीट करेगी और उसे किसी को बेच देगी।
महिला के मुताबिक उसके साथ रात को सामूहिक दुष्कर्म किया गया था, जिससे वह डर गई थी। जैसे तैसे कर महिला वहां से भाग निकली। वहां शहर में आकर उसे पता चला कि वह धूरी में है। उसने बस अड्डे पर पहुंचकर उक्त पूरी घटना की जानकारी एक व्यक्ति को दी। उक्त व्यक्ति ने महिला को लुधियाना जाने वाली बस में टिकट लेकर बिठा दिया।
लुधियाना आकर महिला ने अपने पति को एक सिक्योरिटी गार्ड के फोन से उक्त घटना की जानकारी दी। इसके बाद महिला का पति लुधियाना जाकर पत्नी को वापस मोगा लेकर आया। शाम करीब सात बजे महिला को सिविल अस्पताल में दाखिल करवा दिया गया। मंगलवार को घटना की सूचना मिलने पर थाना सदर मोगा की पुलिस सिविल अस्पताल पहुंची तो पुलिस मुलाजिमों ने धूरी पुलिस को इसकी सूचना दे दी।
धूरी पुलिस ने आकर मोगा में महिला के बयान दर्ज किए तो कुछ घंटे विचार के बाद आला अधिकारियों के आदेशों पर थाना सदर की सब इंस्पेक्टर कर्मजीत कौर ने पीड़ित महिला के बयान दर्ज किए और दो महिलाओं समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
डीएसपी के अनुसार मामला संदिग्ध लग रहा है, क्योंकि पीड़ित महिला कभी कहती है कि जब उसे अगवा किया गया तो उसने घटना की जानकारी रिकार्डिंग के जरिये अपने पति को फोन पर भेज दी। इसके बाद महिला का पति पुलिस के पास भी गया, लेकिन पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की। डीएसपी का दावा है कि दो दिन के अंदर मामला सुलझा लिया जाएगा।