आज इंसान में मानवीयता नाम की चीज नहीं रह गई है, सुना था, लेकिन कोई इतना भी बेदर्द भी हो सकता है। इसका जीता-जागता उदाहरण इससे बड़ा और क्या होगा कि एक नाबालिग ने ढाई साल की बच्ची को जिंदा जलाने का प्रयास किया।
यह मामला है मनीमाजरा के सुभाष नगर के मकान नंबर 44/2 रहने वाली एक ढाई साल की बच्ची परेदी का, जिसे उसके ही पड़ोस में रहने वाले 15 साल के एक लड़के आयुष ने जिंदा जलाने का प्रयास किया।
घर के आंगन में खेल रही थी बच्ची
घटना बुधवार सुबह साढ़े 10 बजे की बताई जा रही है। जब बच्ची अपने की घर के आंगन में खेल रही थी। अचानक आयुष घर में घुस आया और बच्ची पर तेल छिड़कने लगा। देखते ही देखते उसने बच्ची को आग लगा दी।
बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके परिजन और मामा हर्क बहादुर दौड़े आए तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। उन्हें देखकर पास खड़ा आयुष भाग गया।
पुलिस ने नहीं किया मामला दर्ज
बच्ची के परिजनों का आरोप है कि पड़ोस में ही रहने वाले बलाक आयुष ने बच्ची को जानबूझकर तेल छिड़क कर जलाने की कोशिश की।
बच्ची के मामा हर्क बहादुर ने घटना की सूचना मनीमाजरा थाने में दी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने अभी तक नाबालिग के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है।
अखिल भारत नेपाली एकता मंच, प्रवासी नेपाली संघ भारत, जन संपर्क समिति, मूल प्रवाहा एकता समाज, नेपाली वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने भी थाना अधिकारियों से बातचीत की और रोष प्रदर्शन भी किया।
जानबूझकर नहीं की नाबालिग ने ये हरकत
मनीमाजरा थाना प्रभारी चरणजीत सिंह का कहना है कि आरोपी नाबालिग ने जानबूझकर यह हरकत नहीं की, बल्कि वह किसी चीज को आग लगा रहा था तो तेल की बोतल हाथ से छूट गई और तेल बच्ची पर गिर गया। जिस कारण पास में लगी आग ने तुरंत बच्ची को पकड़ लिया।
जबकि बच्ची के परिजनों का कहना है कुछ दिन पहले आयुष के पिता सन्नी, जिसकी साथ ही में हाडवेयर की दुकान है, के बाहर पड़े पानी के थर्मस को किसी ने गिरा दिया था।
तब से आयुष बार बार उनकी बच्ची को ही थर्मस गिराने के लिए डांटता था। इसी नाराजगी के चलते उसने बुधवार को बच्ची पर तेल का छिड़काव करके आग लगा दी।
पीजीआई में चल रहा है इलाज
नाबालिग द्वारा जला दिए जाने के बाद बच्ची परेदी के परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए, जहां उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया।
पीजीआई में अभी बच्ची का इलाज चल रहा है। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बनी हुई है।