रोपड़ की जिला अदालत ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी जगतार सिंह हवारा को इरादा कत्ल, टाडा व आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले में बरी कर दिया है। जिला की अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज सुनीता कुमार शर्मा की अदालत ने मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये की। जगतार सिंह हवारा पर दर्ज पांच मामलों में यह दूसरा मामला है, जिसमें अदालत ने हवारा को बरी कर दिया है।
इससे पहले भी आर्म्स एक्ट के मामले में अदालत ने हवारा को सबूतों के अभाव पर अदालत ने बरी कर दिया था। हवारा के वकील एडवोकेट सरबजीत सिंह बैंस ने बताया श्री चमकौर साहिब के पुलिस स्टेशन में 22 सितंबर 1991 को दर्ज एफआईआर में उसे बरी किया गया है।
उन्होंने बताया 22 सितंबर 1991 में को हवारा गांव के नजदीक आतंकियों व पुलिस के बीच फायरिंग हुई थी। इसमें पंजाब पुलिस के तीन मुलाजिम घायल हो गए थे। इस दौरान पुलिस के साथ बीएसएफ भी थी। उस समय श्री चमकौर साहिब पुलिस ने अज्ञात आतंकियों के खिलाफ आईपीसी, आर्म्स एक्ट, एक्सप्लोसिव एक्ट, टाडा के तहत केस दर्ज किया था। उस समय पुलिस ने मौके से हैंडग्रेनेड, एके 47 के कारतूस, राइफल, पिस्टल भी बरामद किए थे।
हवारा के खिलाफ जनवरी 2005 में जिला रूपनगर के नूरपुरबेदी में बहुचर्चित बाबा प्यारा सिंह भनियारांवाले के डेरे के गेट पर बंब ब्लास्ट करने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इसी तरह हवारा के खिलाफ हत्या, इरादा कत्ल व टाडा एक्ट के तहत 23 दिसंबर 1998 में दर्ज किया गया था। इसके अलावा हवारा पर एक ग्रंथी की हत्या के आरोप में भी चमकौर साहिब थाने में एक केस दर्ज है।