फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाश्ते के लिए मेस नहीं पहुंची छात्रा, कमरे में झांका तो वाकया देख पैरों तले खिसक गई जमीन

Thu, 13 Jun 2019 01:35 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

 महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में एमफार्मा अंतिम वर्ष की छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकर जान दे दी। सुसाइड नोट नहीं मिलने की वजह से छात्रा की मौत की वजह उलझ गई है।

विज्ञापन


परिजन जहां कोई वजह नहीं बता पा रहे हैं, वहीं छात्रा की सहेलियों का कहना कि वह थीसिस को लेकर तनाव में थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। छात्रा हॉस्टल के प्रथम तल के कमरे में अकेले रहती थी। बेटी की मौत की सूचना मिलने के बाद मां बेहोश हो गई। 

महम की दीवाना कॉलोनी की गगनप्रीत कौर (23) एमडीयू की एमफार्मा अंतिम वर्ष की छात्रा थी। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी गगनप्रीत परीक्षा के बाद अपनी थीसिस तैयार करने में व्यस्त थी। इसके लिए हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रही थी। मंगलवार शाम वह अपने कमरे में गई थी। बुधवार सुबह नाश्ते के लिए मेस में नहीं पहुंची तो सहेलियों को अनहोनी का अंदेशा हुआ।
विज्ञापन


उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो वह फंदे पर लटकी मिली। दरवाजा तोड़कर लोग अंदर पहुंचे और छात्रा को फंदे से उतारा। छात्रा ने पंखे पर चुन्नी के फंदे से फांसी लगाई थी। फांसी मंगलवार देर शाम लगाने की आशंका है। इसी वजह से उसका शरीर नीला पड़ गया था। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

सांकेतिक तस्वीर
एफएसएल प्रभारी डॉ. सरोज दहिया ने मौके से मिली चीजों से सबूत जुटाए। विवि कुलसचिव डॉ. गुलशन तनेजा, चीफ वार्डन प्रो. राजेश धनखड़, सुरक्षा अधिकारी ने घटना स्थल का जायजा लिया। पीजीआईएमएस थाना प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि पुलिस को छात्रा की मौत की सूचना मिली थी।

मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। लड़की के भाई की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। परिजनों ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाने की बात कही है। सहपाठियों ने छात्रा के थीसिस को लेकर तनाव में होने की बात कही है।

मोबाइल और लैपटॉप लिया कब्जे में
छात्रा के कमरे में पुलिस ने उसका सारा सामान छान मारा। इस दौरान किसी तरह का सुसाइड नोट या अन्य कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। मौके से मिले छात्रा के मोबाइल फोन व लैपटॉप को कब्जे में ले लिया है। पुलिस इनकी पड़ताल करेगी। इनकी जांच में कोई बात सामने आने पर उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने छात्रों व दोस्तों से की डेढ़ घंटे तक पूछताछ
छात्रा की आत्महत्या मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया। केस का कोई पहलू न छूटे इसके लिए उसके दोस्तों से भी पूछताछ की। छात्रा से जुड़े सवालों को लेकर करीब डेढ़ घंटे पूछताछ हुई। दोस्तों ने बताया कि पढ़ाई में गगन अच्छी थी। किसी तरह की परेशानी भी नहीं थी। हमें 15 जून को थीसिस जमा करानी थी। इसकी तिथि विवि ने 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। थीसिस को लेकर कुछ तनाव में थी।
विज्ञापन

आखिरी बार सहेली दीक्षा से मंगलवार को हुई थी बात

गगनप्रीत कौर की आखिरी बार बात सहेली दीक्षा से हुई थी। मंगलवार दोपहर वह खाना खाने मेस में नहीं आई तो दीक्षा ने मोनिका के फोन से उसे पूछा था कि कुछ खाया या नहीं। वह अपना मोबाइल घर भूल आई थी। मेस में जाने के लिए कहा तो गगनप्रीत ने फल रखे होने की जानकारी देते हुए कहा कि यही खा लूंगी।

उसने अपनी तबीयत भी ठीक बताई। यह बातचीत करीब दो मिनट हुई। छात्राओं ने बताया कि इससे पूर्व गगनप्रीत ने कहा था कि मेरी थीसिस पूरी नहीं होगी। मुझे हॉस्टल छोड़ आओ। इसके चलते उसे विभाग से हॉस्टल छोड़ आए थे।

सुबह दोस्तों ने किए करीब 50 फोन
दीक्षा मंगलवार शाम पांच बजे बाद तक घर नहीं पहुंची थी। इसके चलते उसकी मां ने उसी के फोन से गगनप्रीत को फोन किया। उसने कई बार कॉल की, मगर फोन नहीं उठा। उसे बेटी के घर नहीं पहुंचने के बारे में पता करना था। शाम करीब छह बजे दीक्षा घर पहुंची।

बुधवार सुबह दोस्तों ने गगनप्रीत से बात करने का प्रयास किया। इसके चलते दीक्षा, मोनिका व रोहित ने करीब 50 कॉल की, मगर एक बार भी फोन नहीं उठा। इससे उन्हें अनहोनी की आशंका हुई और वे दोपहर करीब 12 बजे हॉस्टल पहुंचे। यहां गगन की मौत की खबर मिली।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें