एफएसएल प्रभारी डॉ. सरोज दहिया ने मौके से मिली चीजों से सबूत जुटाए। विवि कुलसचिव डॉ. गुलशन तनेजा, चीफ वार्डन प्रो. राजेश धनखड़, सुरक्षा अधिकारी ने घटना स्थल का जायजा लिया। पीजीआईएमएस थाना प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि पुलिस को छात्रा की मौत की सूचना मिली थी।
मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। लड़की के भाई की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। परिजनों ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाने की बात कही है। सहपाठियों ने छात्रा के थीसिस को लेकर तनाव में होने की बात कही है।
मोबाइल और लैपटॉप लिया कब्जे में
छात्रा के कमरे में पुलिस ने उसका सारा सामान छान मारा। इस दौरान किसी तरह का सुसाइड नोट या अन्य कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। मौके से मिले छात्रा के मोबाइल फोन व लैपटॉप को कब्जे में ले लिया है। पुलिस इनकी पड़ताल करेगी। इनकी जांच में कोई बात सामने आने पर उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने छात्रों व दोस्तों से की डेढ़ घंटे तक पूछताछ
छात्रा की आत्महत्या मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया। केस का कोई पहलू न छूटे इसके लिए उसके दोस्तों से भी पूछताछ की। छात्रा से जुड़े सवालों को लेकर करीब डेढ़ घंटे पूछताछ हुई। दोस्तों ने बताया कि पढ़ाई में गगन अच्छी थी। किसी तरह की परेशानी भी नहीं थी। हमें 15 जून को थीसिस जमा करानी थी। इसकी तिथि विवि ने 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। थीसिस को लेकर कुछ तनाव में थी।
गगनप्रीत कौर की आखिरी बार बात सहेली दीक्षा से हुई थी। मंगलवार दोपहर वह खाना खाने मेस में नहीं आई तो दीक्षा ने मोनिका के फोन से उसे पूछा था कि कुछ खाया या नहीं। वह अपना मोबाइल घर भूल आई थी। मेस में जाने के लिए कहा तो गगनप्रीत ने फल रखे होने की जानकारी देते हुए कहा कि यही खा लूंगी।
उसने अपनी तबीयत भी ठीक बताई। यह बातचीत करीब दो मिनट हुई। छात्राओं ने बताया कि इससे पूर्व गगनप्रीत ने कहा था कि मेरी थीसिस पूरी नहीं होगी। मुझे हॉस्टल छोड़ आओ। इसके चलते उसे विभाग से हॉस्टल छोड़ आए थे।
सुबह दोस्तों ने किए करीब 50 फोन
दीक्षा मंगलवार शाम पांच बजे बाद तक घर नहीं पहुंची थी। इसके चलते उसकी मां ने उसी के फोन से गगनप्रीत को फोन किया। उसने कई बार कॉल की, मगर फोन नहीं उठा। उसे बेटी के घर नहीं पहुंचने के बारे में पता करना था। शाम करीब छह बजे दीक्षा घर पहुंची।
बुधवार सुबह दोस्तों ने गगनप्रीत से बात करने का प्रयास किया। इसके चलते दीक्षा, मोनिका व रोहित ने करीब 50 कॉल की, मगर एक बार भी फोन नहीं उठा। इससे उन्हें अनहोनी की आशंका हुई और वे दोपहर करीब 12 बजे हॉस्टल पहुंचे। यहां गगन की मौत की खबर मिली।