छह जनवरी की रात उनके घर का गेट बंद था। कॉल भी कोई नहीं उठा रहा था। आवाज लगाने और गेट खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। जब उसने घर की दीवार फांदकर देखा तो जगसीर सिंह और उसकी माता जसविंदर कौर बरामदे में अपनी चारपाइयों पर खून से लथपथ मृत पड़े थे। शिकायत पर थाना सदर मानसा के इंस्पेक्टर बलवंत सिंह ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की। टीम ने इस मामले में पांच आरोपियों कुलविंदर सिंह उर्फ काका, अकबर खान उर्फ आकू, जगसीर सिंह उर्फ जग्गा, जसकरण सिंह उर्फ जस्सी और रशनदीप सिंह को नामजद किया और गुरुवार को सभी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि परिवार के पास कुल साढ़े सात एकड़ जमीन है।
कुलविंदर सिंह उर्फ काकू टैक्सी चलाता है। इसी दौरान टैक्सी यूनियन में अकबर खान, जगसीर सिंह, जसकरण सिंह और रशनदीप सिंह के साथ उसकी तालमेल हुई। बेटे ने जायदाद के लालच में अपनी मां और भाई का कत्ल करने की योजना बनाई। बाकी आरोपियों को उसने सुपारी के रूप में कार, घर का एक हिस्सा देने की बात कही।
आरोपी ने काम होने के बाद दो एकड़ जमीन उनके नाम करने से इनकार कर दिया और 20 हजार की नगदी उन्हें सौंप दी। आरोपियों ने लालच में छह जनवरी की रात को घर की दीवार फांदकर गंडासे और छुरी से जसविंदर कौर और उसके बेटे जगसीर सिंह उर्फ बूटा का कत्ल किया था। सभी पांचों आरोपियों को अदालत में पेशकर उनका पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा।