पंजाब के मोगा में गांव नत्थूवाला गर्बी में एक युवक ने अपने ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर खुदकुशी कर ली। गोली लगने से घायल दादा ने गांव वालों को मामले की जानकारी दी। मरने से पहले युवक ने 19 पेज का सुसाइड नोट लिखा जिसमें उसने खुद के गुप्त रोग से पीड़ित होने की बात लिखी है। पुलिस ने सभी छह शव पोस्टमार्टम के लिए मोगा के सिविल अस्पताल में भेज दिए हैं और आरोपी संदीप सिंह सन्नी के खिलाफ थाना बाघापुराना में धारा 302 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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वहीं मृतक के दादा गुरचरन सिंह को फरीदकोट मेडिकल कालेज में दाखिल करवाया गया है। डीएसपी बाघापुराना जसपाल सिंह धामी ने बताया कि संदीप सिंह उर्फ सन्नी (28) वासी नत्थूवाला गर्बी की करीब दो माह पहले बहिबल कलां की रहने वाली एक युवती के साथ मंगनी हुई थी। संदीप अक्सर शादी न करने की जिद करता था, लेकिन उसके परिवार ने दिसंबर में उसकी शादी तय कर दी थी। शादी के दबाव में संदीप सिंह ने शुक्रवार शाम को शराब पीनी शुरू की और देर शाम तक शराब पीता रहा।
रात को वह घर लौटा और परिवार के साथ खाना खाकर सो गया। देर रात करीब एक बजे उसने 32 बोर रिवाल्वर से अपने पिता मंजीत सिंह (55), माता बिंदर कौर (50), दादी गुरदीप कौर (70), बहन अमनजोत कौर (33), भांजी मनीत कौर (3) के सिर पर गोली मार दी। इसके बाद आरोपी अपनी कोठी के बाहर बने कमरे में रिवाल्वर लेकर गया, जहां पर उसका दादा गुरचरन सिंह सो रहा था। आरोपी ने कमरे का दरवाजा खटखटाया।
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जैसे ही गुरचरन सिंह ने दरवाजा खोला तो संदीप ने उसे कहा कि दादा मैं घर दे सारे जीआं नूं मार आया, हुन मैं तुहाड़े गोली मारनी ते फिर आप वी गोली मार के मर जाना। इसके बाद दादा पोते में हाथापाई हुई तो संदीप ने दादा की ओर गोली चला दी। गोली उसके मुंह को छूकर निकल गई। गुरचरन सिंह जमीन पर गिर गया। संदीप को लगा कि उसका दादा मर गया है। इसके बाद वह वापस अपने बेडरूम में आया और अपने सिर में गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
19 पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ
डीएसपी के अनुसार आरोपी के पास से 19 पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है। हालांकि पुलिस इसे उजागर नहीं कर रही है, लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक संदीप सिंह ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उनके पास उनकी गुरुओं पीरों की कुछ जमीन थी, जो उसके परिवार ने बेच दी थी। इसी कारण उन्हें गुरुओं पीरों की भूल पड़ी कि उसे गुप्त रोग हो गया।
उसे समझ में आ गया था कि शादी के बाद वह अपना वंश आगे नहीं बढ़ा पाएगा। इसी कारण से वह शादी नहीं करना चाहता था, मगर परिवार को इस बारे में बताने से कतराता था। परिवार की भी जिद थी कि अब उसकी शादी करके ही दम लेंगे क्योंकि वह घर का इकलौता बेटा था। इसी परेशानी के कारण उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
चोरी के रिवॉल्वर से दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार शुक्रवार के दिन संदीप सिंह सन्नी अपने दादा गुरचरन सिंह को साथ लेकर उनकी आंखों की दवाई लेने के लिए फरीदकोट गया था। लौटते समय वह अपनी मंगेतर के घर बहिबल कलां में भी गया, जहां पर उसने अपनी मंगेतर को कुछ उपहार भी दिए। इसके बाद वह गांव राइयां वाला (फरीदकोट) में अपने बिचौलिए के घर चले गए। वहां पर चाय पानी पिया।
इसी दौरान संदीप की नजर टेबल पर रखी 32 बोर लाइसेंसी रिवाल्वर पर पड़ी। चाय पीने के बाद संदीप अपने दादा के साथ घर के बाहर गाड़ी के पास आया तो अपने दादा और बिचौलिए से कहा कि वह गाड़ी की चाबी अंदर ही भूल आया है। इसके बाद वह चाबी लेने के बहाने घर के अंदर गया और वहां से टेबल पर रखा रिवाल्वर उठा लाया। इसी रिवाल्वर से उसने रात को इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
संदीप सिंह की दो बहनें है। उसकी बड़ी बहन अमनजोत फिरोजपुर के गांव शहजादी में शादीशुदा थी, जबकि उसकी दूसरी बहन कनाडा में शादीशुदा है। वह कुछ दिन पहले ही अपने परिवार से मिलने के बाद कनाडा लौटी है। शुक्रवार को संदीप अपनी मंगेतर और बिचौलिए के घर जाकर आने के बाद अपनी बहन अमनजोत के घर चला गया। वहां पर संदीप ने शादी की तैयारियों व सावन का महीना होने की बात कहकर अपनी बहन अमनजोत और भांजी मनीत को साथ लिया और घर आ गया।
रिश्ता तोड़ने को जानबूझकर पीने लगा था शराब
शादी न करने को लेकर परिवार से कई बार जिद करने पर भी जब बात न बनी तो संदीप सिंह कुछ माह से खुलेआम शराब पीने लगा था, ताकि कोई ग्रामीण या फिर रिश्तेदार लड़की वालों तक यह बात पहुंचाए और लड़की वाले रिश्ता तोड़ दें। यहां तक कि संदीप सिंह दिन में भी शराब पीने लगा था। मगर इतना सब कुछ होने के बाद भी जब उसका रिश्ता न टूटा तो उसने बौखलाहट में आकर इस भयानक वारदात को अंजाम दे दिया। संदीप सिंह ने आईटीआई का डिप्लोमा कर रखा था और उसके पास 25 एकड़ जमीन के साथ साथ गांव में आलीशान कोठी थी।
परिवार को दुखी नहीं देखना चाहता था संदीप
सूत्रों के मुताबिक हवाले से पता चला है कि सुसाइड नोट में संदीप ने लिखा है कि वह सिर्फ अपनी जान भी ले सकता था, लेकिन इकलौता बेटा होने के कारण उसका परिवार यह बर्दाश्त न कर पाता। वहीं शादी के बाद परिवार आगे न बढ़ा पाने को लेकर आने वाली समस्याओं के चलते वह अपने परिवार को दुखी नहीं देख सकता था। इसी कारण से पहले उसने अपने परिवार को खत्म किया और फिर खुदकुशी कर ली।