गोली रमेश के हाथ पर लगी जबकि पास से फायर होने के कारण छर्रों से उसकी छाती भी जख्मी हो गई। इसके बाद लुटेरे कैश बैग लेकर फरार हो गए। रमेश को घायल अवस्था में अमनदीप अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां से डॉक्टरों ने उन्हें अमृतसर रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर डीएसपी सिटी सुखजिंदर सिंह, एसएचओ मामून कैंट इकबाल सिंह, एसएचओ थाना-1 कुलदीप शर्मा, एसएचओ नंगलभूर अवतार सिंह भारी पुलिस फोर्स और फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की।
यह सारा एरिया मामून छावनी का है और यह जिले का सबसे संवेदनशील और सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। सेना की क्यूआरटी और पंजाब पुलिस की पीसीआर टीमें डिफेंस रोड पर 24 घंटे गश्त करती हैं। इस घटना से खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है। डीएसपी सिटी सुखजिंदर ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, फिलहाल कुछ नहीं बताया जा सकता।
रमेश समझता रहा खिलौना, लुटेरों ने किया फायर
दुकान पर काम करने वाले युवकों ने बताया कि जब लुटेरों ने पिस्तौल ताना तो रमेश ने समझा कि यह नकली है और उसने लुटेरे के हाथ से बैग खींचने की कोशिश की। रमेश ने कहा कि खिलौने से डरा रहे हो, जिसके बाद लुटेरे ने फायर कर दिया। परिजनों के मुताबिक एक हफ्ते बाद रमेश के बेटे की शादी है। दोपहर को रमेश के हाथ का ऑपरेशन हो गया था पर छाती पर लगे छर्रों का इलाज चल रहा था। वहीं पुलिस ने दुकान पर काम करने वाले दोनों युवकों को राउंडअप कर पूछताछ शुरू कर दी है।