आर्मी के पूर्व कैप्टन की बुजुर्ग पत्नी की हत्या कर लूटपाट करने के तीन दोषियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
यह वारदात गत वर्ष 31 अगस्त की रात को हुई थी और घर में काम करने वाली नौकरानी व उसके पति ने अपने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर इसे अंजाम दिया था।
पहले इसे आकस्मिक मौत माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि यह हत्या थी। छानबीन में पता चला कि घर में रखे गहनों के अलावा मृतका के शरीर से भी गहने गायब थे। पंचकूला पुलिस ने इस केस को तीन घंटे में ही सुलझा लिया था।
बहरहाल, नौकरानी चिंतेश, उसके पति सूरजपाल व चिंतेश के चचेरे भाई गेंदाराम को उम्रकैद की सजा हुई, जबकि चिंतेश के सगे नाबालिग भाई को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों ने लूटे गए गहने बरामद किए थे।