पठानकोट सिटी रेलवे स्टेशन के अधीक्षक के नाम लश्कर-ए-तइबा का धमकी भरा पत्र मिलने के बाद पुलिस प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल समेत प्रमुख रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी के चलते सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए गए हैं और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल अभी तक पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है, उक्त पत्र सही है या फिर किसी की शरारत। बताया जा रहा है कि कुछ माह पूर्व भी रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन के अधिकारियों को ऐसा ही धमकी भरा पत्र मिल चुका है।
उक्त पत्र में पंजाब के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत हिंदू नेताओं और देश के धार्मिक स्थलों और रेलवे स्टेशनों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। जबकि पंजाब में लुधियाना, जालंधर समेत कई और रेलवे स्टेशनों पर भी ऐसे धमकी भरे पत्र मिले हैं। लेकिन, उनके नतीजों पर भी पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां नहीं पहुंच सकी है।
उल्लेखनीय है कि कल स्टेशन अधीक्षक धर्मपाल के नाम लश्कर-ए-तइबा के कमांडर अंसारी की ओर से हिंदी में धमकी भरा पत्र भेजा गया है।
उसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत कई प्रमुक रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके बाद पठानकोट में सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर दिए गए हैं। स्टेशन पर सुरक्षा का कड़ा पहरा बैठाया गया है।
स्टेशन के प्रवेशद्वार और बाहर आने वाले रास्तों पर पुलिस के जवानों को लगाया गया है और हर आने जाने वाले पर गहरी नजर रखी जा रही है। पत्र मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने भी उसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
पत्र की लिखावट को पहचाना जा रहा है और उसे पहले में मिले धमकी भरे पत्रों से साथ मिलान करके देखा जा रहा है ताकि धमकी की सारी स्थिति स्पष्ट हो सके।
इस बारे में पूछने पर डीएसपी (सिटी) मनोज कुमार ने कहा कि पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। पूछने पर उन्होंने कहा कि पुलिस अभी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है।
उन्होंने कहा कि पत्र की जांच जारी है और उसकी लिखावट की जांच पड़ताल की जा रही है।