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साध्वी की हत्या कर शव से किया गैंगरेप, धरे गए दरिंदे

Sat, 20 Feb 2016 05:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र के गांव ज्योतिसर स्थित सीता राम आश्रम में बाबा जमनादास और साध्वी के डबल ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझ गई है। हत्या आरोपियों ने सेविका से पहले और हत्या के बाद उसके शव से भी दुराचार किया था। इस मामले में पुलिस ने दो साधुओं सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी एसपी सिमरदीप सिंह ने प्रेस वार्ता में दी।
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एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि सीआईए-2 इंचार्ज इंस्पेक्टर अमन कुमार इस ब्लाइंड मर्डर की जांच कर रहे थे। वीरवार देर शाम दो आरोपियों भूपेन कुमार और मनोहर यादव उर्फ गोल्डी निवासी गांव शक्ति भैरों जिला टीकमगढ़ मध्य प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया था।

दोनों की निशानदेही पर दो साधुओं इंद्रजीत उर्फ बल्लू उर्फ बलभद्र दास उर्फ हरिशरण निवासी गांव शक्ति भैरो और राजेश कुमार उर्फ रामदास निवासी रामजीपुरा जिला हरदा मध्य प्रदेश को भी गुड़गांव से गिरफ्तार कर लिया।
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ये है जघन्य हत्याकांड का मामला
सीता राम आश्रम ज्योतिसर के संचालक बाबा जमनादास और उसकी सेविका देवा के शव 26 जनवरी की सुबह बुरी हालत में आश्रम के कमरे में मिले थे। इस मामले में एसपी के निर्देश पर सीआईए-1, सीआईए-2, थाना केयू और साइबर टीम हत्यारों को तलाशने में जुट गई थीं। जांच के दौरान लाखों की लूट के साथ ही दुराचार की धाराओं को भी जोड़ दिया गया था।

यूं हुआ जघन्य हत्याकांड का खुलासा

एसपी सिंह ने बताया कि पूछताछ में मुख्य आरोपी इंद्रजीत उर्फ बल्लु ने बताया कि वह लंबे समय से साधु भेष में रहता है। करीब सात माह पहले गुजरात में राजेश कुमार उर्फ रामदास से मुलाकात हुई। उसके बाद दोनों विभिन्न मंदिरों और साधुओं के डेरों में घूमने लगे। जनवरी में 13-14 तारीख को वे दोनों कुरुक्षेत्र आए थे।

नागा बाबा जमनादास के सीताराम आश्रम ज्योतिसर में रहे थे। उसके बाद दोनों ने बाबा के आश्रम को देखकर अंदाजा लगाया कि बाबा के पास बहुत रुपये और माल हैं। हमे यहां से कम से कम 20 लाख रुपये मिल सकते है। बाद में वे दोनों चंडीगढ़ श्याम दास बापू के आश्रम में और अंबाला में हाथी खाना आश्रम में रहे।

वहां पर इंद्रजीत और राजेश ने नागा बाबा को लूटने की योजना तैयार की। योजना के बाद इंद्रजीत ने अपने गांव के भूपेन और गोल्डी को कुरुक्षेत्र में 25 जनवरी को बुला लिया। भूपेन और गोल्डी कुरुक्षेत्र पंहुच गए। साथ ही इंद्रजीत और राजेश भी कुरुक्षेत्र आ पहुंचे।
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ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम

एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि योजना अनुसार सभी ब्रह्मसरोवर पर मिले औ वहां से ज्योतिसर पहुंचे। चारों बरगद (बड़) के पेड़ के पास और नहर में छुपे रहे। आधी रात के बाद सीता राम आश्रम के लिए चल पड़े। इंद्रजीत और गोल्डी आश्रम के मेन गेट से, जबकि भूपेन, राजेश आश्रम के पीछे से मंदिर के पास से अंदर पहुंच गए। सभी वहां छुपे रहे।

रात में नागा बाबा जमनादास शौच के लिए बाहर आए तो राजेश ने देख लिया कि बाबा का कमरा खुला है। वहां बाबा की सेविका और बच्चा भी सोया था। आश्रम के दूसरी साइड में अशोक कुमार सोया था। वे सभी एक साथ बाबा के कमरे में घुसे। इंद्रजीत और राजेश ने नागा बाबा जमनादास को दबोच लिया। इस पर बाबा ने शोर मचाना शुरू कर दिया।

इस पर राजेश ने कमरे में पड़े डंडे से बाबा पर कई वार किए। इससे बाबा बेहोश हो गया। भूपेन सेविका देवा के ऊपर बैठ गया और उसके कनपटी पर पिस्तौल लगा दी। तिजोरी की चाबी लेने के बाद सभी ने उसके हाथ बांध दिए। सबसे पहले इंद्रजीत ने उसके साथ दुराचार किया और बाद में मनोहर उर्फ  गोल्डी, राजेश और भूपेन ने भी दुष्कर्म किया। इससे वह बेहोश हो गई और उन्होंने 23 हजार 500 रुपये, देवा का मोबाइल, कानों की बाली, हाथों का कड़ा और नथनी लूट ली।

नहीं आया रहम
इसी दौरान छोटा बच्चा रोने लगा तो उन्होंने उसे बाबा के पास लिटा दिया। दुराचार के बाद देवा को बेड से नीचे गिरा दिया और बेड की तलाशी ली। इसके बाद सभी ने योजना के अनुसार सेविका का गला कपड़े से घोंट दिया। बाबा के सिर पर वार कर उसकी भी हत्या कर दी।

इसके बाद हत्यारोपियों ने सेविका के शव के साथ फिर दुराचार किया और भाग गए। दोनों साधु वारदात को अंजाम देने के बाद पंजाब, जयपुर, दिल्ली, राजस्थान, सूरत वडोदरा, सिन्नोर, गुजरात, वृंदावन, गुड़गांव में घूमते रहे।
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