युवक-युवती एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। युवती के कहने पर युवक उससे मिलने आया, पर युवती के भाइयों ने युवक की हत्या ही कर दी। ये फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि सच्ची है।
उत्तरप्रदेश के दो अलग-अलग जिलों से आकर दशकों से कुरुक्षेत्र में आकर रोजी-रोटी कमा रहे श्रीवास्तव और गुर्जर परिवार के बीच पनपे प्रेम प्रसंग का अंत युवक की मौत से हुआ।
केडीबी रोड आरके पैलेस के सामने कृष्णा नगर गामड़ी कालोनी में रह रहा युवक पिंकू जिस युवती से शादी करके घर बसाना चाहता था, उसके भाइयों ने उसकी हत्या कर दी। पिंकू और लड़की का परिवार एक ही मकान में बतौर किराएदार रह रहा है।
पिछले कुछ समय से पिंकू का पड़ोसी किराएदार की युवती से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। दो माह पहले दोनों घर से भाग गए थे, लेकिन युवती के परिजनों ने ढूंढ निकाला था। इसके बाद युवती को उत्तर प्रदेश सरसावा में रह रहे उसके ताऊ के पास पढ़ने के लिए भेज दिया गया।
रामनवमी को अपने ताऊ के पास रह रही युवती ने पिंकू को फोन कर अपने पास बुलाया। लड़की का फोन आते ही यह युवक घर से मोटरसाइकिल लेकर चला गया। जाते समय उसने अपनी मां राजेश्वरी को बताया कि वह त्रिलोकपुर वाली देवी के दर्शनों के लिए जा रहा है।
नौ अप्रैल को किया पिंकू ने घर पर फोन
राजेश्वरी ने कहा कि नौ अप्रैल को पिंकू ने घर पर फोन किया तो वह रो रहा था। उसके चीखने-चिल्लाने की आवाज सुन कर वह घबरा गई। उन्होंने जब यह पूछा कि वह कहां है, तो फोन कट गया और पिंकू का पता नहीं लगा।
पिंकू की बहन बेबी ने बताया कि रात को एक बार उनके भाई अवधेश के मोबाइल पर पिंकू का फोन आया, लेकिन वह कहां है पता नहीं चला।
उन्होंने पुलिस को सूचित किया, लेकिन पुलिस कुछ कर पाती कि इसके अगले दिन 11 अप्रैल को नन्हेड़ा से एक डॉक्टर का फोन आया। उसने बताया कि पिंकू गंभीर हालत में है, जिसके बाद परिवार के लोग वहां पहुंचे और कुरुक्षेत्र लाते समय पिंकू की मौत हो गई।
श्रीवास्तव एवं गुर्जर परिवार हैं के लड़का-लड़की
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद के पिंकू का परिवार दशकों से कुरुक्षेत्र में ही रह रहा है। पिंकू श्रीवास्तव परिवार से था, जबकि युवती सरसावा के गुर्जर समुदाय से संबंधित है।
परिजनों के मुताबिक पिंकू छठी फेल है, जबकि युवती 12वीं तक की पढ़ाई कर चुकी है और इस समय उत्तरप्रदेश में उच्च शिक्षा ले रही है।