अंकल मुझे तड़के चार बजे डंडे मारकर उठा देते थे और कहते थे कि भैंसों को चारा डाल और दूध निकाल। इसके बाद पूरा दिन बस काम में ही निकलता था। खाने को जूठा ही मिलता था। मारते भी बहुत थे।
कभी घर से बाहर निकलने नहीं दिया जाता था। रात को 11 बजे ही सोने देते थे। अंकल ने कई जगह काम के लिए भेजा। वहां भी बहुत मारते थे और दिनभर काम कराते थे। 20 साल का मंगा सिंह यह बताते हुए फूट-फूटकर रो पड़ता है।
मंगा नौ साल बाद सरहंद स्थित न्यू यादविंदरा कॉलोनी में अपने घर पहुंच मां-भाई से मिल पाया है। साल 2005 में मंगा सिंह जब मात्र 11 साल का था तो अचानक गायब हो गया।