कंधार हाईजैकिंग मामले में पटियाला जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे अब्दुल लतीफ ने अपनी 74 वर्षीय वृद्ध मां से मिलने के लिए पैरोल मांगी है।
सरकार उसकी अर्जी पर कई महीने गुजरने पर भी फैसला नहीं ले पाई है। इसलिए अब उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट के जस्टिस आरपी नागरथ ने सरकार से अर्जी पर तीन हफ्ते में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
लतीफ ने पैरोल अर्जी में कहा है कि वह पिछले 15 साल से जेल में बंद है। उसकी मां का स्वास्थ्य सही नहीं रहता, लिहाजा वह मां से मिलना चाहता है। बता दें कि, दिल्ली से नेपाल जा रही फ्लाइट को हरकत-उल-मुजाहिदीन के आतंकियों ने 24 दिसंबर 1999 में हाईजैक कर लिया था और विमान अफगानिस्तान ले गए थे।
इस वारदात में मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक अहमद जरगर और अहमद सईयद शेख को रिहा करने की शर्त पूरी होने पर ही यात्री छोडे़ गए थे। लतीफ को इस मामले में 30 दिसंबर को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। उससे विस्फोटक भी बरामद हुए थे। वह मुंबई में भी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला था।
2008 में सुनाई थी उम्र कैद की सजा
लतीफ को हाईजैकिंग में पटियाला की सीबीआई अदालत ने पांच फरवरी 2008 को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। लतीफ ने हाईकोर्ट में सजा को चुनौती दी, तो सीबीआई ने इसे दुर्लभ मामला बताते हुए उम्र कैद को फांसी में बदलने की अपील की थी। हाईकोर्ट ने लतीफ की याचिका इसी साल 25 फरवरी को खारिज कर दी थी और लतीफ की उम्र कैद को बरकार रखा था।