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ज्योति मर्डर केस में विधायक समेत 12 बरी

Thu, 11 Sep 2014 02:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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बहुचर्चित ज्योति मर्डर केस में आज कोर्ट ने अंतिम फैसला दिया। कोर्ट ने विधायक रामकुमार चौधरी समेत 12 आरोपियों को रिहा कर दिया। अदालत का कहना है कि पुलिस विधायक पर लगाए गए आरोपों को साबित नहीं कर पाई है, इसलिए सभी को बरी किया जाता है।
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अदालत का फैसला आने के बाद कोर्ट परिसर में काफी संख्या में विधायक चौधरी के समर्थक जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। कोर्ट का फैसला आने के बाद विधायक चौधरी ने कहा कि जब मैंने कोई अपराध किया ही नहीं है तो वह साबित कैसे होगा। 

मैच हुए सैंपल, दोनों जगहों पर ज्योति का खून

बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में सीएफएसएल चंडीगढ़ की रिपोर्ट में ज्योति के कपड़ों और मौके से मिले खून के सैंपल मैच कर गए हैं। दोनों सैंपलों में पाया गया कि दोनों जगह ज्योति का ही खून है।

इससे पुलिस केस को मजबूती मिली। ज्योति के स्वेटर से मिले बाल के बारे में कहा गया है कि यह किसी इंसान का बाल है।

लेकिन किसका है, यह स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में सप्लीमेंट्री चालान दे दिया है और सोमवार को सेशन कोर्ट में यह दाखिल हो सकता है।

इससे पहले कोर्ट ने इस केस की सुनवाई के दौरान पिछले दिनों सीएफएसएल चंडीगढ़ के डायरेक्टर को नोटिस देकर सभी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने के आदेश दिए थे और अब सैंपलों की रिपोर्ट आई है।

प्रापर्टी डीलर ने कहा, वारदात के दिन साथ थे चौधरी

बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में सोमवार को एक नया मोड़ आ गया। बचाव पक्ष के एक गवाह प्रापर्टी डीलर ने कोर्ट में कहा कि वारदात वाले दिन रामकुमार चौधरी उसके साथ था।

उसने एक जमीन का सौदा किया और बाद में विधायक को उसने ही घर छोड़ा था। खास बात यह है कि प्रापर्टी डीलर कोर्ट में वह समय नहीं बता सका, जब उसने विधायक को घर छोड़ा था।

पुलिस के मुताबिक, वारदात वाले दिन पंचकूला में थे रामकुमार

पुलिस फोन रिकार्ड के मुताबिक कोर्ट में पहले ही दस्तावेज दे चुकी है कि रामकुमार चौधरी वारदात के वक्त पंचकूला में था। असली आईडी का फोन नंबर, फर्जी आईडी का फोन नंबर व ज्योति के नंबर के अलावा अन्य आरोपियों के नंबर भी साथ-साथ पंचकूला में चल रहे थे।

प्रापर्टी डीलर जसविंद्र के अलावा बचाव पक्ष से तीन अन्य लोगों ने भी अपने बयान दर्ज कराए। जसविंद्र ने कोर्ट में कहा कि वह रामकुमार चौधरी व बग्गा के साथ नालागढ़ में किसी जमीन के सौदे के लिए गया था।

वारदात वाले दिन ही उसने नालागढ़ में जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इसके बाद वह खुद विधायक को बद्दी में घर पर छोड़कर आया था।

सह आरोपी गुरमीत पर हुई लंबी ‌बहस

वहीं, वारदात में सह आरोपी गुरमीत के बारे में भी लंबी बहस हुई। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राजेश ने कोर्ट में कहा कि गुरमीत ठेके लेता था और उस पर जो पता दर्ज कराता था, वह चक्का रोड बद्दी का था।

दरअसल पुलिस ने गुरमीत के जिस घर से रिकवरी दिखाई, वह ठेके में दर्ज पते से अलग है। इसके अलावा तहसील कार्यालय से सुरेश कुमार ने गुरमीत के घर के बारे में रिकार्ड कोर्ट में दिया। इस रिकार्ड में और ठेके लेते वक्त दस्तावेज में अंकित किया जाने वाला पता एक ही है, जबकि पुलिस केस में पता कुछ और है।

पुलिस के पास मजबूत सबूत

पुलिस केस के मुताबिक, बद्दी स्थित बब्लू कम्यूनिकेशन से फर्जी पते पर 9416464060 व 9882239372 खरीदे गए थे। दोनों ही नंबर वारदात वाले दिन मौका-ए-वारदात पर हैं और साथ में रामकुमार चौधरी के असली आईडी का नंबर भी है। पुलिस ने फर्जी नंबरों से जुड़ा जो रिकार्ड कब्जे में लिया है, उसके एक्टीवेशन फार्म पर भी बब्लू कम्यूनिकेशन की मुहर है।

ये थे मुख्य गवाह और पुख्ता सबूत

ज्योति की बहन और पिता बूटी राम। ज्योति की बहन कोर्ट में बयान दे चुकी है कि ज्योति ने उसे बताया था कि रामकुमार चौधरी के साथ उसके संबंध हैं और दोनों शादी करेंगे। वहीं, बूटी राम ने भी कोर्ट में ज्योति और रामकुमार के रिश्ते के बारे में बताया था।

मोबाइल की लोकेशन
ज्योति, रामकुमार व अन्य आरोपियों के मोबाइल वारदात वाले दिन साथ चल रहे थे। टावर लोकेशन के डिकोडेड डाटा में भी साफ हो गया है कि चंडीगढ़ से पंचकूला तक किस-किस टावर पर कैसे-कैसे नंबर एक साथ चले। कौन किस टावर से कहां तक पहुंचा।

चंडीमंदिर टोल प्लाजा की डिटेल्स
इसमें स्पष्ट है कि वारदात वाली रात वह ट्रक पंचकूला में आया था, जिससे ज्योति का सिर कुचला गया था।  

चौधरी के हस्ताक्षर
ज्योति का गर्भपात कराने के लिए मंजूरी फार्म पर साइन किए गए थे। ये साइन रामकुमार चौधरी के साइन थे, जो मैच हो चुके हैं।

ज्योति की कॉल डिटेल्स
हत्या के बाद डाटा डिलीट कर ज्योति के मोबाइल को फेंक दिया गया था। घग्गर नदी से मोबाइल रिकवर होने के बाद डाटा को रिट्राइव कराने पर पाया गया कि रामकुमार ने एक बार दो दिन में ज्योति को 40 फोन किए थे। ज्योति के मोबाइल से रामकुमार और उनकी पत्नी व एक जन्मदिन पार्टी की तस्वीरें भी रिट्राइव हो चुकी है।

एसएमएस
ज्योति के फोन से पुलिस को उसके नजदीकी दोस्त सिमी का पता चला। सिमी ने ज्योति को काफी एसएमएस कर रखे हैं। इनमें कुछ ऐसे एसएमएस हैं, जिनमें जिक्र है कि वह किसी और के लिए उसे छोड़ रही है। सिमी ने कोर्ट में बयान दिए हैं कि ज्योति ने उसे कहा था कि वह चौधरी के साथ है, जो उसकी काफी मदद करता है।

विधायक चौधरी के खिलाफ अब तक के अहम सबूत

- ज्योति, रामकुमार व कई अन्य आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन वारदात वाले दिन साथ थी।
- चंडीमंदिर टोल प्लाजा की डिटेल्स में साफ है कि वारदात वाली रात ट्रक पंचकूला आया, जिससे ज्योति का सिर कुचला गया।
- ज्योति का गर्भपात कराने के समय भरे गए फार्म पर रामकुमार चौधरी के साइन मैच हो चुके हैं। हालांकि इन साइन को काटकर दूसरे साइन किए गए थे, लेकिन फार्म पर पहले किए साइन से चौधरी के साइन मैच हैं।

- ज्योति की बहन ने कोर्ट में कहा था कि ज्योति ने बताया था कि रामकुमार के साथ उसके संबंध हैं और दोनों शादी करेंगे।
- ज्योति की बहन की शादी में रामकुमार चौधरी की तस्वीर भी साबित करती है कि ज्योति और रामकुमार एक साथ रहे हैं।
- ज्योति के पिता बूटी राम ने भी कोर्ट में ज्योति और रामकुमार के रिश्ते के बारे में बताया था।

- ज्योति की हत्या के बाद के डाटा डिलीट करके घग्गर नदी में मोबाइल फेंक दिया गया था। मोबाइल रिकवर होने के बाद जो डाटा रीट्राइव हुआ, उसमें पाया गया कि रामकुमार ने एक बार दो दिन में ज्योति को 40 फोन कॉल्स की थी।
- ज्योति के मोबाइल से रामकुमार व उसकी पत्नी व एक जन्मदिन पार्टी की तस्वीरें भी मिली थीं।
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केस में अब तक ये हुआ

- 22 नवंबर 2012 को सेक्टर-21 में ज्योति का मिला था शव
- सेक्टर-5 थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ
- हिमाचल के कांग्रेसी नेता रामकुमार चौधरी का नाम केस में आया
- पुलिस ने कई बार रेड की, लेकिन चौधरी नदारद
- 8 जनवरी को चौधरी ने कोर्ट में सरेंडर किया, पुलिस ने लिया हिरासत में
- इसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारियां हुई
- पुलिस ने चार्जशीट तैयार की, जिस पर 37 आब्जेक्शन लगे
- जांच अधिकारी को हटाकर तत्कालीन डीसीपी अश्विन शेणवी की अगुवाई में एसआईटी बनी
- फिर कोर्ट में नया चालान आया और ट्रायल शुरू हुआ। इस दौरान सप्लीमेंटरी चालान भी आते रहे।
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