बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में सोमवार को बचाव पक्ष की तरफ से चार अर्जियां कोर्ट में दायर की गईं। इसमें नौ आरोपियों को बेकसूर बताते हुए सीआरपीसी 313 के तहत उनके बयान न दर्ज कराने की गुहार लगाई है।
इन अर्जियों पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने प्रोसिक्यूशन को नोटिस देते हुए मंगलवार का दिन तय किया है। अब प्रोसिक्यूशन को जवाब देना है कि वह बयान कराना चाहते हैं या नहीं। इस हत्याकांड में विधायक राम कुमार चौधरी सहित कुल 12 आरोपी हैं।
12 में से नौ आरोपियों का खुद को बेकसूर बताते हुए अर्जी लगाना पुलिस की जांच पर सवाल उठा रहा है। तीन आरोपी राम कुमार चौधरी, धर्मपाल व गुरमीत ने अर्जी नहीं लगाई। वहीं अभी तक चंडीगढ़ सीएफएसएल से तीन अलग-अलग सैंपल की रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
इन आरोपियों ने लगाई अर्जी
- केस के तहत वारदात में इस्तेमाल हुए ट्रक के चालक तिलक राज ने अर्जी लगाई है। इसमें उसने कहा है कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उसके मोबाइल टावर की लोकेशन भी फ्रेबरिकेट की गई है।
- राम कुमार चौधरी के साथ वारदात वाले दिन मौजूद परमजीत उर्फ पम्मा ने भी अर्जी में कहा है कि उसके खिलाफ भी कोई सबूत नहीं है। लिहाजा 313 के तहत बयान न दर्ज कराए जाएं।
- तीसरी अर्जी कमलजीत, निर्मल, बलजीत व राम कुमार चौधरी के भाई हरभजन चौधरी की तरफ से लगाई गई है। इन्होंने ने भी उनके खिलाफ कोई सबूत न होते हुए खुद को बेकसूर बताया है। पुलिस केस में इन पर राम कुमार चौधरी को पनाह देने का आरोप है।
- चौथी अर्जी आशीष, पंकज भंडारी व सतीश ने दायर की है। इन पर पुलिस केस के मुताबिक चौधरी को फर्जी आईडी पर सिम बेचने का आरोप है।
क्या होते हैं 313 के तहत बयान
किसी भी आपराधिक केस में जब प्रोसिक्यूशन की तरफ से गवाही पूरी हो जाती है, तो कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत आरोपी अपना पक्ष रखते हैं।
इसमें वह अपने बयान देते हैं कि उनका अपराध से कोई वास्ता है या नहीं। कोर्ट में आरोपी के खिलाफ जमा सबूत के बारे में उसका पक्ष पूछा जाता है।
ज्योति मर्डर केस: वारदात वाली रात का सच
ज्योति मर्डर केस में वारदात वाली रात का असली सच सामने आया जब दो DSP, एक ASI ने बयान दर्ज कराए।
क्या है ज्योति मर्डर केस का मामला
चंडीगढ़ में बतौर पीजी रहने वाली होशियारपुर की ज्योति का शव बीते वर्ष 22 नवंबर 2012 को पंचकूला के सेक्टर-21 में सड़क पर मिला था। उसके चेहरे पर गाड़ी चढ़ाकर पहचान मिटाने की कोशिश भी की गई थी।
ज्योति का बाकी सामान तो था, लेकिन दोनों मोबाइल फोन नहीं मिले। इस मामले में युवती के पिता बूटी राम ने दून के विधायक राम कुमार चौधरी पर आरोप लगाए। इसके बाद विधायक राम कुमार और उनके साथी गुरमीत, धर्मपाल और परमजीत सिंह पर हत्या, धोखाधड़ी और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
22 नवंबर 2012: पंचकूला में मिला था ज्योति का शव
चंडीगढ़ में बतौर पीजी रहने वाली होशियारपुर की ज्योति का शव बीते वर्ष 22 नवंबर 2012 को पंचकूला के सेक्टर-21 में सड़क पर मिला था। उसके चेहरे पर गाड़ी चढ़ाकर पहचान मिटाने की कोशिश भी की गई थी। ज्योति का बाकी सामान तो था, लेकिन दोनों मोबाइल फोन नहीं मिले। इस मामले में युवती के पिता बूटी राम ने दून के विधायक राम कुमार चौधरी पर आरोप लगाए। इसके बाद विधायक राम कुमार और उनके साथी गुरमीत, धर्मपाल और परमजीत सिंह पर हत्या, धोखाधड़ी और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
प्रैग्नेंट थी ज्योति, अवैध तरीके से कराया अबॉर्शन
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक ज्योति प्रैग्नेंट थी और उसका अवैध तरीके से अबॉर्शन करवाया गया था। मोबाइल फोन डिटेल और टॉवर लोकेशन से खुलासा हुआ था कि मर्डर वाले दिन रामकुमार चौधरी भी हर उस जगह मौजूद थे। इसके अलावा पुलिस के पास ज्योति की बहन की शादी में राम कुमारचौधरी की मौजूदगी वाला भी एक फोटो है। इस खुलासे के बाद से ही रामकुमार चौधरी फरार था। हत्या के 46 दिन बाद आरोपी विधायक राम कुमार चौधरी ने पंचकूला सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इस मामले में गुरुवार को पंचकूला पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों धर्मपाल, गुरमीत और तिलकराज को गिरफ्तार किया हैं।
कौन थी ज्योति, विधायक चौधरी से क्या नाता?
आम लड़कियों की तरह ज्योति भी पूरी तरह आत्मनिर्भर लड़की थी। मूलरूप से होशियारपुर से 21 किलोमीटर दूर गांव भूंगा में रहने वाली ज्योति चंडीगढ़ में पीजी में रहती थी। 9 दिसंबर 2009 को ज्योति की छोटी बहन इशु की शादी में विधायक रामकुमार चौधरी अपने एक अन्य साथी के साथ आए थे व शगुन के तौर पर 2100 रुपए भी दिए थे। यही नहीं, खुद ज्योति ने रामकुमार चौधरी से परिचय करवाने के दौरान बताया था कि चंडीगढ़ में जिस कंपनी में वह काम करती है, के चौधरी साहब चेयरमैन हैं। उस शादी में रामकुमार चौधरी ने 2100 रुपए व उनके साथी ने भी 1100 रुपए शगुन दिया था।
ज्योति के पिता का कहना है कि ज्योति चौधरी के इलेक्शन में खर्च का लेन-देन देख रही थी। ज्योति ने अपने पिता बूटी राम को आखिरी बार फोन करके कहा था कि वह राम कुमार चौधरी के साथ जा रही है। अगले दिन उसकी लाश मिली थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक ज्योति प्रैग्नेंट थी और उसका अवैध तरीके से अबॉर्शन करवाया गया था।