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फर्जी ह्यूमन राइट्स मिशन बना नौकरी देने के नाम पर कई को ठगा

Tue, 23 Aug 2016 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
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मानवाधिकार - फोटो : de3mo
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जिला पुलिस ने ह्यूमन राइट्स मिशन के फर्जी ज्वाइंट सेक्रेटरी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान सिकंदर उर्फ सन्नी निवासी बूरमाजरा थाना मोरिंडा जिला रूपनगर के रूप में हुई है। यह दावा सोमवार को एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने किया। उन्होंने कि सीईआईए स्टाफ के इंस्पेक्टर गुरचरण सिंह की अगुवाई में पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
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ऐसे आया पकड़ में
 पुलिस की टीम फेज-5 में मौजूद थी। इस दौरान सूचना मिली कि रोपड़ निवासी आरोपी सिकंदर इलाके में घूम रहा है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को फेज-5 के एक पार्क से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अंडरटेकिंग मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर भारत सरकार ने ह्यूमन राइट मिशन का ज्वाइंट सेक्रेटरी बना हुआ है। पुलिस को सूचना मिली थी कि खुद ही एक सरकारी विभाग बनकर चला रहा है। 

कई राज्यों में की ठगी 
आरोपी ने अपने गिरोह में अन्य मेंबर जोड़कर ह्यूमन राइट्स मिशन के नाम से संबंधित फर्जी पहचान पत्र व दस्तावेज बना रखे थे। आरोपी ने लोगों से पैसे लेकर नौकरी देने का झांसा देकर कई राज्यों के लोगों से ठगी की है। आरोपी ने मोहाली में भी एक दफ्तर बना रखा है। 
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दफ्तर को सरकारी कार्यालय जैसा बनाया
सिकंदर सिंह 12वीं तक पढ़ा है। उसने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 के प्लाट नंबर ई-256 में अपना दफ्तर बना रखा थ। यह प्लॉट उसके साथी जतिंदर औलख का है। औलख भी इस मिशन का ज्वाइंट सेक्रेटरी है। उसके नाम पर यह आफिस किराए पर लिया हुए था। हर माह डेढ़ लाख किराया देते थे। संदेह न हो इसलिए उसने दफ्तर के पास विभिन्न राज्यों के झंडे लगाए हुए थे।

 
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इनोवा गाड़ी से चलता था, एक जिप्सी करती थी एस्कोर्ट
आरोपी पूरे ठाठ से रहता था। उसने अपने लिए एक इनोवा गाड़ी व एक प्राइवेट जिप्सी एस्कोर्ट के लिए रखी हुई थी। साथ ही लोगों से ठगी कर मोटी रकम वसूलता था। आरोपी ने अपने दफ्तर में अफसर रैंक से रिटायर हुए लोगों को रखता था। जो आफिस में क्लर्क का काम करते थे। साथ ही हर जिले में इंचार्ज नियुक्त करके मुलाजिमों की भर्ती कर रखी थी। कई लोगों को तो दिल्ली ले जाकर ट्रेनिंग भी दिलाता था।

पहले फर्जी सर्व शिक्षा अभियान संस्था बनाई
आरोपी ने वर्ष 2013 में अपने आप की एक सर्व शिक्षा अभियान की संस्था बनाई थी। अपने आपको इसका को-आर्डिनेटर बताता था। साथ ही लोगों को संस्था में नौकरियां दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। लेकिन, किसी की नौकरी नहीं लगवाई। उसके खिलाफ वर्ष 2013 में नौ केस दर्ज किए गए थे।

पद के हिसाब से वसूलता था रुपये
आरोपी ने वर्ष 2015 में अंडरटेकिंग मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स भारत सरकार के नाम पर ह्यूमन राइट्स मिशन बनाकर अपने आपको ज्वाइंट सेक्रेटरी बताने लग पड़ा। साथ ही लोगों को गुमराह करके स्टेट प्रोजेक्ट अफसर, जिला प्रोजेक्ट अफसर व ब्लॉक प्रोजेक्ट अफसर अफसर भर्ती करवाने का झांसा देकर क्रमश: सात लाख व दो या ढाई लाख रुपये वसूलता था। पुलिस ने आरोपी के पास से चार फर्जी शिनाख्ती कार्ड बरामद किए है।
 
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