मकान में लगी आग में मां-बेटी की जिंदा जलने से हुई मौत के मामले में दो साल बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जींद की भटनागर कॉलोनी में स्थित मकान में शार्ट सर्किट से नहीं बल्कि मृतका के दामाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर आग लगाई थी। हालांकि उस समय शहर थाना पुलिस ने शार्ट सर्किट के चलते मकान में आग लगने की बात मानकर फाइल को बंद कर दिया था।
मृतका के दामाद को किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार करने पर उसने पूछताछ में खुलासा किया कि दो साल पहले उसी ने मकान में आग लगाकर अपनी पत्नी व सास को जिंदा जलाया था। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया है।
मां से मिलने आई थी बेटी, दामाद ने आग लगा दी
Absconding Ahmedabad serial blasts (2008) accused Nasir Rangrej arrested
भटनागर कॉलोनी निवासी वेदों पत्नी लख्मीचंद की बेटी सुनीता उमरा निवासी राजबीर के साथ ब्याही थी। नवंबर 2015 को सुनीता अपनी मां से मिलने के लिए भटनागर कॉलोनी में आई थी। छह नवंबर की रात को मां-बेटी मकान के अंदर सो रही थी, अचनाक आग लगने से दोनों जिंदा जल गई थी।
उस समय पुलिस ने शार्ट सर्किट के चलते मकान में आग लगाने का मामला माना और इंत्तफाकिया कार्रवाई कर दी। गत दिनों हांसी की अपराध शाखा पुलिस ने मृतका सुनीता के पति राजबीर को पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने ही अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी सुनीता व सास वेदों देवी को जिंदा जलाया था। यह उसने सुनीता के साथ अनबन की वजह से किया था। पुलिस ने राजबीर, विनोद, बलजीत तथा हांसी निवासी ऋषि के खिलाफ हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया है।