मनीमाजरा के शिवालिक गार्डन के बाहर आरआईएमटी स्कूल के सामने सोमवार दोपहर 76 साल की एक बुजुर्ग महिला को बेहोश कर उसके गहने लूूटने का मामला सामने आया है।
सड़क किनारे बेहोश पड़ी बुजुर्ग महिला को देखकर राहगीर ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पीसीआर ने बुजुर्ग महिला को मनीमाजरा के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल में महिला को होश न आने पर उसे सेक्टर-16 अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां पर उसका इलाज चल रहा है।
बुजुर्ग महिला को सोमवार देर शाम तक होश नहीं आया था। डाक्टरों ने उनकी हालात काफी गंभीर बताई है। घटना दोपहर ढाई बजे की है। बुजुर्ग महिला की पहचान माड़ी वाला टाउन, मकान नंबर 2193/23 में रहने वाली बिमला देवी के रूप में हुई है।
महिला के बेटे दुकानदार सतीश कुमार ने बताया कि उनकी मां नगला मोहल्ले में पेंशन कार्ड बनवाने गई थी। इस दौरान दोपहर को घर लौटते समय किसी व्यक्ति ने उसे आरआईएमटी स्कूल के सामने कुछ सुंघाकर बेहोश कर कान की बालियां, सोने की चेन और हाथ से अंगुठी उतरा ली।
सतीश ने बताया कि जिस उंगली से अंगुठी उतरी गई है, उस पर खरोंच आई हुई है। मनीमाजरा पुलिस ने सतीश के बयान पर मौके का मुआयना किया और जांच शुरू कर दी है।
डेढ़ घंटे करते रहे एंबुलेंस और ड्राइवर का इंतजार
सतीश कुमार ने बताया मनीमाजरा अस्पताल से डॉक्टरों ने उनकी मां को शाम चार बजे सेक्टर-16 अस्पताल रेफर कर दिया था। इसके बाद डेढ़ घंटे तक उन्हें अस्पताल की एंबुलेंस नहीं मिली। उन्हें बताया गया कि एक एंबुलेंस सेक्टर-32 अस्पताल गई है। जबकि दूसरी का ड्राइवर नहीं आया है।
इंतजार करने के बाद उन्होंने साढ़े पांच बजे 108 नंबर पर फोन करके एंबुलेंस बुलाई और उससे मां को सेक्टर-16 अस्पताल ले आए। वहीं समाजसेवी रामेश्वर गिरि का कहना है कि मनीमाजरा का अस्पताल सफेद हाथी बना चुका है। यहां पर इमरजेंसी में आने वाले हर मरीज को सेक्टर-16 रेफर कर दिया जाता है। यहां पर मरीजों को दवाएं भी नहीं दी जाती हैं।