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जाट आंदोलन: थानों-चौकियों में नहीं, पुलिस के हाथों में रहेंगे ‘हथियार’

Fri, 03 Jun 2016 09:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक।
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जाट आरक्षण मुद्दे से बीजेपी को नुकसान - फोटो : Getty
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फरवारी माह में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान थानों और चौकियों से उपद्रवियों के हाथों सरकारी हथियार लुटवा चुकी पुलिस इस बार कोई चूक करने के मूड में नहीं है। इस बार सरकारी हथियार थानों और चौकियों की शोभा नहीं बढ़ाएंगे, बल्कि पुलिस के हाथों में नजर आएंगे, ताकि कोई अनहोनी होने पर लूटपाट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। साथ ही थानों और चौकियों का बचाव किया जा सके। 
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सड़क पर उतरते ही की जाएगी गिरफ्तारी 
फरवरी में हुए आंदोलन की तरह इस बार प्रदर्शनकारी सड़कों पर जगह-जगह जाम नहीं लगा सकेंगे। यदि उन्होंने ऐसा करने का प्रयास किया तो पुलिस उनसे सख्ती से निपटेगी। सड़क पर इकट्ठा होने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। यदि किसी ने हिंसा करने का प्रयास किया तो उस पर हल्का बल प्रयोग किया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों के पास पुलिस मुख्यालय से निर्देश आ चुके हैं। 

केवल यहां कर सकेंगे आंदोलन 
जिला प्रशासन की ओर से पांच जून को प्रदर्शन करने वालों के लिए सेक्टर छह स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम के सामने खाली पड़ी जगह को निर्धारित किया गया है। इसी जगह पर धरना प्रदर्शन की अनुमति आयोजकों को दी गई है। इसके अलावा अन्य स्थान पर धरना प्रदर्शन करने की अनुमति जिला प्रशासन की ओर से नहीं दी गई है। यदि प्रदर्शनकारियों ने अन्य जगहों पर धरना प्रदर्शन किया तो उन्हें तुरंत हटा दिया जाएगा। 
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पिछले आंदोलन के उपद्रवियों की होगी पहचान

उपद्रव करने वाले दो आरोपियों के फोटो जारी - फोटो : amarujala
पुलिस प्रशासन की ओर से फरवरी माह में आंदोलन के दौरान हिंसा, आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ करने वालों को पकड़ने की नई योजना बनाई गई है। पुलिस पांच मई को होने वाले धरना प्रदर्शन में उन उपद्रवियों की पहचान करेगी जो काफी समय से फरार हैं। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पिछले आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। मामले में गठित एसआईटी के अधिकारियों और सदस्यों को धरना स्थल पर अलर्ट रखा जाएगा।
  
लापरवाही के आरोप झेल चुका गुप्तचर विभाग मुस्तैद 
पिछले आंदोलन में लापरवाही के आरोप झेल चुके गुप्तचर विभाग ने इस बार मुस्तैदी बढ़ा दी है। आसपास के गांवों में खुफिया एजेंसी के सदस्यों की सक्रियता बढ़ गई है। आंदोलन की रणनीति के बारे में जानकारी लेकर सूचना पुलिस को दी जा रही है, ताकि धरना स्थल पर पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों की सही संख्या के बारे में पुलिस को पता चल सके। आंदोलन के आयोजकों की एक-एक गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से आंदोलन के सभी आयोजकों और जिम्मेदार लोगों को पुलिस एक्ट-69 के तहत नोटिस जारी कर दिये गए हैं। 

अधिकारियों से ग्रामीणों ने कहा कि नहीं होने देंगे हिंसा
एसडीएम डॉक्टर मुनीष नागपाल, तहसीलदार गुलाब सिंह, नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर अरविंद मल्हान, एसडीएम महम आदि अफसरों ने बुधवार को गांवों में जाकर ग्रामीणों से शांति की अपील की। जिला प्रशासन के अधिकारी गांव बलियाना, भालौठ और बोहर गांव में पहुंचे। यहां सरपंच, पूर्व सरपंच, पार्षद आदि के साथ मीटिंग की। सभी ग्रामीणों से हिंसक गतिविधि को रोकने की अपील की गई। ग्रामीणों ने अफसरों को आश्वासन दिया है कि इस बार किसी भी सूरत में आंदोलन के दौरान हिंसा नहीं होने देंगे।
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