मोहाली के फेज-5 स्थित आईटीआई के प्रिंसिपल को विजिलेंस विभाग ने 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जारी भ्रष्टाचार रोधी हेल्पलाइन नंबर पर की गई थी। इसके बाद विजिलेंस विभाग ने कार्रवाई को अंजाम देते हुए प्रिंसिपल को गिरफ्तार करके केस दर्ज कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान शमशेर सिंह पुरखालवी के रूप में हुई है। मामले की पुष्टि विजिलेंस विभाग के डीएसपी हरविंदरपाल सिंह ने की है।
श्री फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले हरदीप सिंह ने भ्रष्टाचार मुहिम को लेकर जारी नंबर पर वीडियो जारी करते हुए बताया कि 2020 में फेज-5 स्थित सरकारी औद्योगिक सिखलाई संस्था में कांट्रेक्ट पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक ट्रेड में डीएसटी स्कीम के तहत इंस्ट्रक्टर लगने के लिए आवेदन किया था। इसे लेकर प्रिंसिपल शमशेर सिंह पुरखालवी के पास साक्षात्कार दिया।
नौकरी को लेकर सारी शर्तें और असल दस्तावेज को वेरिफाई तक किया गया। इसके बाद जब भर्ती प्रक्रिया का काम पूरा हुआ तो आरोपी ने नौकरी पर रखने के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी। इस दौरान हरदीप रिश्वत की रकम नहीं दे पाया और इस कारण उसे नौकरी से वंचित होना पड़ा। दूसरी ओर पंजाब में जैसे ही आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता पर आई तो हरदीप ने इसका वीडियो हेल्पलाइन नंबर पर भेजकर शिकायत की।