पटियाला पुलिस ने एक खुफिया आपरेशन के तहत अंतरराष्ट्रीय हैकरों के ऐसे गिरोहों का पर्दाफाश किया है, जो नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल में बंद अपने साथी हवालातियों को छुड़ाने की ताक में थे। सीआईए पटियाला और नाभा पुलिस ने सांझे आपरेशन के तहत छह अपराधियों को भारी मात्रा में हथियारों, दो गाड़ियों और चीन के 27 चाइनीज क्रेडिट कार्ड समेत रंगे हाथों पकड़ा है। इन गिरोहों के तार चीन और हांगकांग के साथ जुड़े हुए हैं।
एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने रविवार को पुलिस लाइन में बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि रमनजीत सिंह उर्फ रोमी निवासी रामामंडी, जगसीर सिंह सीरा निवासी सधाना और सारज सिंह निवासी पका कलां नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल में बंद अपने एक साथी को पेशी पर ले जाते हुए हिरासत से छुड़ाकर फरार कराने की ताक में हैं। आरोपी असलाह से लैस हैं और एक सफेद रंग की होंडा सिटी कार में सवार हैं।
इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में थाना कोतवाली नाभा में केस दर्ज करके टीमें बनाकर इनकी तलाश शुरू की। इसी बीच पुलिस ने तीनों को कार समेत काबू कर लिया। गिरफ्तारी के समय रमनजीत के पास से दो चाइनीज मास्टर कार्ड, 17 चाइनीज क्रेडिट कार्ड और एक 32 बोर का लोड रिवाल्वर समेत नौ कारतूस मिले। जगसीर के पास से 32 बोर का लोड पिस्टल और नौ कारतूस बरामद हुए। गाड़ी से जाली नंबरों की नंबर प्लेट भी बरामद हुईं हैं।
रमनजीत, जगसीर, सारज ने नाभा जेल के हवालाती साथी को छुड़ाकर फिर राजपुरा से दूसरे ग्रुप के यूके नागरिक जगजीत सिंह, जगसीर सिंह निवासी चकर, मनदीप सिंह निवासी लहरा धूरकोट को साथ लेकर नेटबैंकिंग ठगी के लिए अपने साथियों के पास दिल्ली जाना था। इस दौरान पहला गिरोह नाभा से पुलिस के हाथ आ गया। इनसे पूछताछ के बाद मिली लीड पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और स्कार्पियो में दिल्ली जा रहे दूसरे गिरोह को भी राजपुरा के पास गाड़ी के साथ काबू कर लिया। गिरोह के पास बरामद होंडा सिटी और स्कार्पियो कार के नंबर जाली पाए गए हैं।
दोस्तों को छुड़ाने हांगकांग से आया था रमनजीत
पूछताछ में सामने आया कि रमनजीत सिंह अपराधियों को पनाह देने के केस, जो थाना संगत मंडी जिला बठिंडा में दर्ज हुआ था, में फरार होकर हांगकांग चला गया था। वहां उसने चीन के अपराधियों के साथ संपर्क बना लिए और साथ-साथ पंजाब में अपने साथी अपराधियों और गैंगस्टरों के साथ भी संपर्क बनाए रखा। वह हांगकांग में बैठे हुए ही पंजाब में अपराधी गतिविधियां चला रहा था। वहां अपने साथियों के पैसे को संभालता था। इसने जेलों में बंद अपने कई साथी अपराधियों को पिछले समय के दौरान भारी फंडिंग की। वह अपने अपराधी साथियों को जेलों से भगाने के लिए हांगकांग से आया था। वह अपने साथ 27 चाइनीज क्रेडिट कार्ड लाया था। इनके जरिये इसने अपने अपराधी गैंगस्टर साथियों की मदद के लिए फंडों का प्रबंध करना था।
जेल से साथियों को छुड़ाने के लिए इसने हांगकांग से आते ही अपने गिरोह के जगसीर सिंह सीरा की जमानत कराई और इस पर आया खर्च भी खुद किया। फिर असलाह का प्रबंध करके नाभा जेल से साथियों को छुड़ाने की साजिश बनाई।
रमनजीत ने अपने साथी मनदीप सिंह के जरिये एक तरफ चेन्नई के हैकर्स के साथ संपर्क साधा हुआ था, वहीं दूसरी तरफ इंग्लैंड के नागरिक जगजीत सिंह के जरिये दिल्ली में किसी व्यक्ति के साथ संपर्क बनाया हुआ था। जिसके ट्रस्टों के खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कराई जानी थी।