पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाकर कई देशों को सप्लाई करने वाले दो तस्करों को मोहाली पुलिस ने 750 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों की तलाश में आईबी और कई केंद्रीय जांच एजेंसियां जुटी हुईं थीं। आरोपियों की पहचान बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला निवासी गांव हवेलिया, थाना सराए अमानत खान, जिला तरनतारन और अमरीक सिंह निवासी बसंत विहार, सरहिंद रोड, पटियाला के रूप में हुई है।
अमरीक सिंह का भाई अवतार सिंह भोला ड्रग तस्करी केस में भगोड़ा है। यह खुलासा एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ के लिए एसटीएफ व अन्य एजेंसियां मोहाली पहुंच गई हैं।
एसएसपी ने बताया कि वह खुद पांच महीने से इन शातिर आरोपियों की तलाश में थे। बुधवार को एक सूचना के आधार पर चंदपुर टोल प्लाजा पर पुलिस ने नाकाबंदी की थी। दोपहर करीब दो बजे मुल्लांपुर साइड से आ रही एक इनोवा गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका तो इसमें सवार आरोपियों से 750 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना माजरी में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
ए कैटेगरी के तस्कर, 1990 से सक्रिय
एसएसपी ने बताया कि दोनों आरोपी ए कैटेगरी के तस्कर हैं। तस्कर बलविंदर सिंह के बार्डर पार संपर्क हैं। वह आतंकवाद के समय 1990 में हथियारों, नशीले पदार्थों, जाली करेंसी व सोने की तस्करी में शामिल रहा है। अटारी बॉर्डर पर 532 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया आरोपी रणजीत राणा भी आरोपी बलविंदर सिंह के गांव का ही निवासी है।
ड्रग मनी से करोड़ों की प्रॉपर्टी बनाई
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बलविंदर ने ड्रग मनी से करोड़ों की प्रॉपर्टी बनाई हुई है। इसमें मोहाली के झंजेड़ी में फार्म हाउस और 17 एकड़ खेती योग्य जमीन के अलावा अमृसतर में करोड़ों के प्लाट शामिल हैं। इनमें से अमृतसर की प्रॉपर्टी को पुलिस ने अटैच कर दिया है।
एसटीएफ व कई एजेंसियों ने मोहाली में डाला डेरा
आरोपियों के पकड़े जाने के बाद एसटीएफ समेत देश की कई एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। एजेंसियों ने मोहाली में डेरा डाल दिया है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।