जिला मुख्यालय में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक की शाखा में करोड़ों के लोन फर्जीवाड़े में विजिलेंस ने दो बैंक कर्मचारियों समेत एक दर्जन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में इसी बैंक में मैनेजर रहे और वर्तमान में रिकवरी अफसर कमल भोगल को बर्खास्त कर दिया है।
केसीसी बैंक के एमडी विनय कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कमल के खिलाफ करीब 14 शिकायतें थीं, जिनमें से 13 आरोप साबित हुए हैं। जब लोन फर्जीवाड़ा हुआ, उस समय वह बैंक शाखा में मैनेजर था।
साढ़े पांच करोड़ रुपये के बेनामी लोन के मामले में विजिलेंस ने बुधवार को कई स्थानों पर रेड कर रिकॉर्ड जब्त किया था। जानकारी के अनुसार ऊना के एक व्यक्ति ने जिला की विशेष कोर्ट में इस फर्जीवाड़े को लेकर शिकायत की थी।
कोर्ट के आदेश पर विजिलेंस ने बैंक अधिकारियों समेत तीन लोगों के घरों में छापे मारे। एएसपी सागर चंद्र ने बताया कि शिकायतकर्ता ने बैंक अधिकारियों पर साढ़े पांच करोड़ के बेनामी लोन देने का आरोप लगाया है।
जांच के दायरे में आने वाले दो बैंक अधिकारियों के अलावा रक्कड़ कॉलोनी में एक महिला के घर छापामारी की। इस दौरान बेनामी लोन से जुड़े कुछ साक्ष्य जुटाए गए हैं। बताया जा रहा है कि बैंक कर्मियों की मिलीभगत के चलते आवेदनकर्ता की जगह लोन की राशि किसी और के खाते में जमा कर दी गई।