चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह की हत्या करने वाले बसंत उर्फ बंटी और उसकी प्रेमिका सरिता को तीन साल पहले दीपालपुर गांव में हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
प्रेमिका के पति और सास की हत्या कर प्रेमिका को साथ ले गए चंडीगढ़ पुलिस के सिपाही बसंत उर्फ बंटी, उसकी प्रेमिका गौरड़ गांव निवासी सरिता उर्फ निक्की और बंटी के दोस्त चंडीगढ़ निवासी रवि को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
दोषियों पर 42-42 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न भरने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। एडीजे सुनीता ग्रोवर की अदालत ने वीरवार को यह फैसला सुनाया।
यह था मामला
18 अप्रैल 2013 को दीपालपुर गांव निवासी दयानंद ने राई थाने में शिकायत दी कि वह सेना में कार्यरत था, लेकिन समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली। उसके दो बेटे व एक बेटी हैं। भैंसरू गांव के जीता पहलवान से उसकी 5-6 साल से जान-पहचान थी।
एक माह पहले जीता उसके घर आया और बताया कि उसकी भानजी सरिता गौरड़ गांव की है, लेकिन बचपन से वह भैंसरू में रह रही है। वह उसका रिश्ता आपके बेटे संदीप से करना चाहता है। दोनों पक्षों ने बातचीत कर रिश्ता तय कर दिया।
माला की रस्म कर शादी कर दी गई। वारदात से पहले वह खेत में जा रहा था। रास्ते में दो युवक मिले, जिन्होंने संदीप का घर पूछा। उसने बताया कि संदीप तो उसका लड़का है। युवकों ने कहा कि वे भैंसरू से आए हैं। रिश्तेदार समझकर वह उन्हें घर ले गया, जहां संदीप, उसकी मां रोशनी, बुआ प्रकाशी और बहू सरिता बैठे थे।
एक युवक ने बैग से एसएलआर निकाली और फायरिंग कर दी। संदीप, रोशनी व प्रकाशी के पेट में गोली लगी। रोशनी ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि संदीप व प्रकाशी को अस्पताल ले जाया गया। वहां डाक्टरों ने संदीप को भी मृत घोषित कर दिया। उधर, वारदात को अंजाम देकर बंटी अपने साथी रवि व प्रेमिका सरिता समेत फरार हो गए। राई थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की।