पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी युवक को दस साल की सजा सुनाई है। हरियाणा के हिसार का है। सजा एडीजे अलका मलिक की कोर्ट ने सुनाई।
दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर पांच माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। इस संबंध में नारनौंद थाना में 30 मार्च 2014 को युवक के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार नारनौंद खंड के एक गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी थी।
शिकायत में कहा गया था कि उसकी पांच साल की बेटी गांव के सरकारी स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ती थी। 30 मार्च को बेटी आधी छुट्टी में घर आ रही थी। रास्ते में पड़ोस में ही रहने वाले युवक ने जो बोलने में अक्षम है, बेटी को टॉफी देने के बहाने अपने घर बुला लिया।
आरोप था कि युवक बेटी को पशुओं के बाड़े में ले गया और वहां पर उसके साथ दुष्कर्म करने लगा। जब बेटी ने शोर मचाया तो शिकायतकर्ता की पत्नी और भतीजा मौके पर पहुंचे। उस दौरान युवक बेटी के साथ दुष्कर्म कर रहा था। बाद में वह मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने युवक के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दुष्कर्म के इस मामले में दोषी करार दिए हुए युवक को दस साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने इस मामले में पिछले सप्ताह युवक को दोषी करार दिया था।