गुरुग्राम में कैंसर के नकली इंजेक्शन मामले में खाद्य एवं औषधि विभाग ने तुर्किये निवासी आरोपी अली तरमनानी से 7 लाख, 15 हजार, 250 रुपये की आयातित दवाइयां जब्त की हैं। ये सभी दवाइयां कैंसर और मधुमेह से संबंधित हैं, जिन्हें गैर-कानूनी तरीके से भारत में आयात किया गया था। रिमांड के दौरान आरोपी से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दवाओं, रिकॉर्ड, रजिस्टर, दस्तावेज और उसका पासपोर्ट भी बरामद किया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यह जानकारी दी।
आरोपी ने यह दवाइयां सेक्टर-62, नोएडा में एक अलमारी के अंदर छुपाई हुई थी। उसके पास इन दवाइयों से संबंधित कोई आयात एनओसी नहीं है। ये सभी उत्पाद उसके संपर्क में रहने वाले वितरकों के माध्यम से बिक्री के लिए इस्तांबुल से लाए गए थे। खास बात ये है कि इंजेक्शन ओपदिवा 100 एमजी और 40 एमजी और एक्सजीवा 120 एमजी को भंडारण के लिए 2 से 8 डिग्री रखने की आवश्यकता होती है लेकिन आरोपी ने उसे वैसे ही रखा हुआ था।
ये दवाइयां की बरामद
ब्रिस्टल-मायर्स स्क्विब होल्डिंग्स फार्मा लिमिटेड कंपनी की ओपदिवो 40 एमजी और ओपदिवो 100 एमजी दवाई को जब्त किया गया है। इसी प्रकार, पाथेन फ्रांस एसए 40, बॉर्गाइन, इस्तांबुल की सबरील 500 एमजी टेबलेट, इस्तांबुल की स्प्रीसेल 70 एमजी की टैबलेट, इस्तांबुल की एंड्रोकर 50 एमजी टैबलेट और इंस्ताबुल की एक्सजीवा 120 एमजी को जब्त किया गया है।