सौतेले पिता की दरिंदगी का शिकार हुई बच्ची का गर्भपात हो गया है। हालांकि बाल कल्याण समिति के लिए पीड़िता की मां का व्यवहार समझना चुनौती बन गया है। संस्था के अधिकारी मां पर शक करने लगे हैं कि कहीं पिता सौतेला होने के साथ मां भी तो सौतेली नहीं है? सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन डॉ. राज सिंह सांगवान के अनुसार जो व्यवहार पीड़िता की मां कर रही है, वह समझ से परे है। इसलिए बगैर पूरी जांच के वह कोई निर्णय नहीं लेंगे।
उन्होंने बताया कि महिला का कहना है कि उसका पहला पति शराब पीता था, इसलिए उसने उसे छोड़ दिया। उसकी बाद में मौत हो गई थी, लेकिन उसने मुखग्नि नहीं दी। उसे तो रिश्तेदारों ने बताया कि वह मर गया है। उन्होंने जब महिला के समक्ष कहा कि उन्होंने उसके पहले पति को बुला लिया है तो वह स्तब्ध रह गई। इसके चलते शक और बढ़ गया है कि कहीं बच्ची का पिता जिंदा न हो। इसकी जांच के लिए सीडब्ल्यूसी को महिला के घर परिवार और उसके सोशल बैकग्राउंड की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
बच्ची के स्वास्थ्य में है सुधार
पीजीआईएमएस के डॉक्टरों की मानें तो बच्ची के स्वास्थ्य में काफी सुधार है। उसे जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। वह समय पर खाना खा रही है और पानी पी रही है। सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन डॉ. राज सिंह सांगवान ने बताया कि बच्ची की जब तक दवा चल रही है, वे उसे अस्पताल में ही रखेंगे। जब चिकित्सा अधीक्षक डिस्चार्ज सर्टिफिकेट देंगे तब बच्ची को वे अपने सुपुर्द लेंगे।
अभी भी डरी हुई है बच्ची
बच्ची की मां पर शक
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डॉ. राज सिंह सांगवान ने बताया कि अभी बच्ची के मन से भय दूर नहीं हुआ है। वह पिछली घटना को याद कर सहम जाती है। फिलहाल उसके पास उसकी मां और पुलिस कर्मी तैनात हैं। बच्ची को भय से निकालने के लिए लगातार उसकी काउंसिलिंग की जा रही है। इसके लिए समय-समय पर काउंसलर को भेजा जा रहा है। पीजीआईएमएस के डॉक्टर भी लगातार बच्ची की काउंसिलिंग कर रहे हैं।
जांच रिपोर्ट आने तक नहीं सौंपेंगे मां को
महिला के व्यवहार पर हमें शक हो रहा है कि वह उसकी मां है भी या नहीं, क्योंकि कोई मां अपनी बेटी को बदहाल में देखने के बाद आरोपी पति को छुड़ाने की मांग क्यों करेगी। हम बच्ची को उसकी मां को फिलहाल जांच रिपोर्ट आने तक बिल्कुल नहीं सौंपेंगे।
डॉ. राज सिंह सांगवान, सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन।