दहेज हत्या प्रकरण में पंचकूला की अदालत ने दोषी पति को 10 साल की कैद और 60 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
वहीं मामले में आरोपी बनाए गए सास-ससुर को अदालत ने बरी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि 19 दिसंबर 2014 को पुलिस ने मनजीत कौर पत्नी कृष्ण कुमार का शव शमशान घाट से संस्कार के समय कब्जे में लिया था।
पुलिस ने लाश का पोस्टमार्टम कराने के बाद पंजाब स्थित रोपड़ के गांव नाढा वासी परमजीत कौर पत्नी सुच्चा सिंह की शिकायत पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। हालांकि मनजीत कौर के ससुराली उसकी मौत को आत्महत्या का मामला बता रहे थे। शिकायतकर्ता पक्ष के वकील एमके सिसौदिया के अनुसार रोपड़ के गांव नाढा वासी मनजीत कौर पुत्र सुच्चा सिंह का विवाह फरवरी 2014 में पंचकूला के गांव कंडन टगरा वासी कृष्ण कुमार पुत्र रोशन लाल के साथ हुआ था।
पीड़ित पक्ष का आरोप था कि कृष्ण कुमार बेरोजगार था और काम करने के लिए वह ससुराल वालों से मैक्सी कैब खरीदने के लिए चार लाख रुपये की डिमांड कर रहा था। बताया गया है कि मनजीत कौर के पिता बीमार रहते थे। इसकी वजह से उसका विवाह नाना ने किया था। मनजीत कौर की माता परमजीत कौर ने परिवार की खराब आर्थिक हालत का हवाला भी दिया था। मगर ये डिमांड पूरी न होने के कारण मनजीत कौर को परेशान किया जा रहा था।
इसी वजह से शादी के कुछ दिन बाद ही उसे मायके भेज दिया गया। दिसंबर 2014 में जिस दिन मनजीत कौर की मौत हुई। उससे कुछ ही दिन पहले मनजीत को उसका पति मायके से लेकर आया था। 19 दिसंबर 2014 को मायके वालों को सूचना मिली कि मनजीत की हालात खराब है। यह सुनते ही मनजीत के पिता और दो मामा गांव कंगन टगरा पहुंचे। लेकिन घर पर कोई न मिलने पर उन्हें मनजीत की मौत की जानकारी मिली थी।
उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया कि मनजीत का संस्कार करने से पहले उसका पोस्टमार्टम कराया जाए। इसके बाद मृतका की मां परमजीत कौर की शिकायत पर पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश एके शर्मा ने सास-ससुर को बरी कर दिया। जबकि पति को दोषी ठहराते हुए 10 साल कैद और 60 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।