मौके पर पहुंची मृतका पूजा की बुआ कृष्णा ने अनिल पर अपनी भतीजी को मारने का आरोप लगाते हुए पुलिस को बताया कि अनिल कुमार ऑटो चालक था और पूजा सेक्टर-6 पंचकूला के सिविल अस्पताल में काम करती थी। दोनों की शादी को लगभग दस साल हो चुके थे। दोनों के दो बेटे हैं, जो गांव में अपनी दादी के पास रहते हैं।
अनिल ने मौली गांव में दो महीने पहले ही इस मकान को किराए पर लिया था। पुलिस के अनुसार, दोनों के शव को देखकर लगता है कि दोनों की मौत को लगभग 24 घंटे से ऊपर हो चुके हैं। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला और न ही यह पता चला कि पूजा की मौत कैसे हुई।
महिला थाना में चल रहा था केस
मृतका की बुआ कृष्णा ने बताया कि शादी के बाद से दोनों की आपस में नहीं बनती थी। इसके चलते दोनों में अक्सर झगड़ा होता रहता था। अनिल अक्सर शराब पीकर पूजा से मारपीट करता था। अनिल की मारपीट से तंग आकर पूजा ने उसकी शिकायत पंचकूला पुलिस को दी थी। पिछले साल से सेक्टर-5 पंचकूला महिला थाने में केस भी चल रहा था। इसके लिए पुलिस ने कई बार अनिल को राउंडअप भी किया था।
कृष्णा ने बताया कि मौली में कमरा लेने के बाद अक्सर दोनों में झगड़ा होता था। अनिल रोजाना उससे मारपीट करता था। जब पूजा ने इस बारे में उन्हें बताया तो वह पूजा को सेक्टर-28 स्थित अपने घर लेकर आ गई। पिछले एक महीने से पूजा उनके साथ उनके घर पर ही रह रही थी। इस बीच अनिल उसे फोन कर काफी परेशान करता रहता था।
रविवार रात को वो घर पर वापस नहीं आई तो उन्हें लगा कि शायद अनिल के साथ होगी। उसके बाद से वह लगातार पूजा को फोन कर रहे थे लेकिन लेकिन बेल जाने के बाद कोई जवाब नहीं दे रहा था। इसके चलते वह सोमवार खुद देखने मौली गांव आईं तो अनिल का कमरा अंदर से बंद था।
उसने दरवाजा खोल कर देखा तो अनिल फंदे से लटका हुआ था और पूजा का शव नीचे पड़ा था। बुआ कृष्णा और फूफा अशोक ने बताया कि अनिल ने पहले उनकी भतीजी का कत्ल किया और बाद में खुद भी सुसाइड कर लिया है।