फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्ची से 'दरिंदगी' की दास्तां, दिल दहला देगी

Tue, 14 Apr 2015 07:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पौने चार साल की बच्ची के साथ अपहरण के बाद किस हद तक हैवानियत की गई, दास्तां सुनकर आप रो देंगे। बच्ची के पोस्टमार्टम में सामने आया है कि बच्ची के शरीर पर कई जगह दांतों से काटे जाने के निशान थे।
विज्ञापन


बच्ची की रेप के बाद हत्या की गई। वारदात के दूसरे दिन पुलिस टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान पुलिस को बच्ची के कपड़े मिले हैं। वहीं एक टीम कॉलोनी में जांच कर रही है। पुलिस फोटो, रिकॉर्डिंग और पूछताछ के बाद संदिग्ध लोगों को राउंडअप कर पूछताछ में जुटी है।

बच्ची की हत्या और शव मिलने के एक दिन बाद पुलिस ने जंगल में सर्च अभियान चलाया। हालांकि शुक्रवार रात बच्ची के अपहरण के बाद परिजन पुलिस से गुहार करते रहे थे कि जंगल में सर्च अभियान चला लिया जाए तो बच्ची मिल सकती है। मगर तब पुलिस नहीं मानी।
विज्ञापन


उधर शहर की हाईटेक पुलिस 54 घंटे बाद भी दरिंदे हत्यारे का सुराग लगाने में नाकाम रही। कालोनी नंबर चार में शुक्रवार रात नौ बजे घर के बाहर खेल रही बच्ची को अगवा कर रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। उसका शव शनिवार को जंगल में मिला था। उसके बाद गुस्साई भीड़ और पुलिस में झड़प हुई थी।

पिता ने खाना-पीना छोड़ा

वहीं बच्ची के पिता ने खाना त्याग दिया है। उनकी हालत बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि ‘पुलिस की वजह से आज मैं अपनी बिटिया से दूर हो गया हूं, मुझे न्याय चाहिए। जब तक मेरी बच्ची को न्याय नहीं मिलता तब तक कुछ भी नहीं खाउंगा’।

कौन था लाल टी-शर्ट में
परिजनों ने बताया कि बच्ची के साथ पड़ोस की एक महिला ने किसी को देखा था। वह व्यक्ति को टाफी खिला रहा था। हालांकि, इस दौरान महिला ने व्यक्ति को पीछे से देखा था। इसलिए उसे पहचान नहीं पाई। वहीं पुलिस इस मामले में लाल टी-शर्ट का मामला सुलझाने में लगी है।

पुलिस की एक और लापरवाही का खुलासा

वारदात के दूसरे दिन ‘अमर उजाला’ टीम चार नंबर कॉलोनी में पहुंची तो वहां चार नंबर कॉलोनी निवासी बजेंदर सिंह ने अपने अपने बेटे की गुमशुदगी में पुलिस की कार्रवाई की कहानी सुनाई।

शिकायतकर्ता के अनुसार उनके दो बेटे हैं। उनका बड़ा बेटा 11वीं की परीक्षा पास कर चुका है। शिकायतकर्ता के अनुसार 31मार्च को उसका रिजल्ट आया था। अच्छे नंबर देख लोगों में मिठाई भी बांटी।

एक अप्रैल को वह सुबह सात बजे शौच के लिए निकला और लौटकर नहीं आया। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ित बजेंदर सिंह का आरोप है कि पुलिस ने एक बार भी तलाश करने की जहमत नहीं उठाई। थाने जाने पर जवाब मिलता था कि पुलिस कार्रवाई कर रही है।
विज्ञापन

आरोपी जानकार तो नहीं

‘अमर उजाला’ टीम ने मामले की इन्वेटीगेशन करते हुए परिजनों से बातचीत की। पिता के अनुसार बच्ची किसी अंजान के पास नहीं जाती थी। वह परिचित के पास ही जाती थी। जांच में पाया है कि पीड़ित परिवार के घर से वारदात स्थल करीब दो किलोमीटर है। इस दौरान रास्ते में सैकड़ों झुग्गियां हैं।

अगर कोई बच्ची को जबरदस्ती लेकर जाएगा तो किसी की नजर जरूर पड़ेगी। वहीं आरोपी कॉलोनी में किसी का जानकार भी हो सकता है। क्योंकि पीड़ित के घर से जंगल का रास्ता टेढ़ा है। कोई भी अंजान पीड़ित के घर से जंगल की तरफ आसानी से नहीं जा सकता है।

साथ ही आरोपी को जंगल के बारे में पूरी जानकारी है। क्योंकि वारदात स्थल को देखकर लगता है कि जंगल स्थित नाले में पुराने बने रास्ते से आरोपी ने नाले के पास बच्ची को अंदर फेंका है। जबकि, कोई अंजान होता तो वह नाले में कहीं से भी शव को फेंक सकता था।

बता दें कि बच्ची का शव नाले में जाने के लिए बने रास्ते के पास मिला था। फिलहाल, टीम की प्राथमिक जांच में पता चला है कि कहीं आरोपी बच्ची के पहचान का तो नहीं है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें