दयाल सिंह कॉलेज में बीएड के मैथ के पेपर में शुक्रवार को एक परीक्षार्थी पहले से ही तैयार आंसर सीट को लेकर परीक्षा में बैठ गया। सभी उत्तर पैंसिल से लिखे गए थे। परीक्षा शुरू होने के बाद छात्र पहले से लिखे गए प्रश्रों के उत्तर को पैन से लिखकर पूर्व में लिखे गए उत्तरों को मिटा रहा था, ताकि किसी को किसी भी प्रकार का शक न हो।
करीब चार बजे इस छात्र पर सेंटर सुपरिटेंडेंट को शक हुआ। छात्र की उत्तर पुस्तिका की जांच हुई तो उसे पकड़ लिया गया। आनन-फानन में छात्र को कक्षा से बाहर बुलाया गया और पूरे मामले की गंभीरता से जांच हुई। जांच में पता चला कि छात्र के पास जो उत्तर पुस्तिका थी, वह दयाल सिंह सेंटर के कोडिंग शेड्यूल की सीरिज से मैच नहीं खाती थी।
इस मामले में छात्र पर दबाव दिया गया तो पता चला कि छात्र ने इससे पहले 15 जून को सेक्टर 14 करनाल के गवर्नमेंट कॉलेज में एमए इंग्लिश अंतिम वर्ष की परीक्षा दी थी। इसी दौरान वह वहां से इस उत्तर पुस्तिका को चुरा कर लाया था। इसके बाद छात्र ने सभी प्रश्रों के उत्तर इस उत्तर पुस्तिका पर लिखे और परीक्षा में लेकर बैठ गया। ऐसे में महत्वपूर्ण सवाल यह उठता है कि छात्र को प्रश्रों के उत्तर कैसे पते चले? क्या पेपर लीक हो चुका था?