गांव सुलखनी में 13 साल की लड़की की गला दबाकर हत्या करने के मामले में एडीजे पुरुषोत्तम की कोर्ट में सोमवार को सजा सुनाई जाएगी। एडीजे की कोर्ट ने ऑनर किलिंग के इस मामले में मृतक किशोरी के पिता, मां और चाचा को शनिवार को दोषी करार दिया था।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार पुलिस ने बरवाला थाना में 1 अगस्त 2015 को केस दर्ज किया था। मामले की शिकायत पुलिस के ईएएसआई वेदपाल के बयानों पर दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार किशोरी के चाल चलन पर पिता रामचंद्र व पत्नी शरबती शक करते थे। उन्होंने 30 जुलाई 2015 की रात को किशोरी निर्मला की गला दबाकर हत्या कर दी। रातोंरात उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इस मामले में मृतका के चाचा राजा ने उसके माता पिता का सहयोग किया।
जली हुई हड्डियां और राख की थी बरामद
ऑनर किलिंग
- फोटो : Demo Pic
बाइक पर ले गए थे शमशान भूमि में
पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरा मामला कबूल लिया। पुलिस ने बताया कि निर्मला का चाचा उसकी हत्या कर रातों रात बाइक पर ही शव को शमशान भूमि में ले गए। वहां पर उन्होंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
जली हुई हड्डियां और राख की थी बरामद
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतका की जली हुई हड्डियां और राख बरामद की थी। मामले के बारे में किसी ने पुलिस को गुप्त सूचना दी थी। पुलिस पूछताछ में परिजनों ने कबूला था कि नौंवी कक्षा में पढ़ने वाली उनकी बेटी के चाल चलन पर वे शक करते थे। बताया गया था कि गांव के ही एक युवक के साथ उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसके बाद उन्होंने उसकी हत्या कर दी।