दुराचार के मामले में गवाह पर हमले के आरोपों से घिरे आसाराम के बेटे नारायण साईं के प्रोडक्शन वारंट के क्रियांवयन पर लगी रोक मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हटा ली।
हालांकि अवमानना की अर्जी पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। मामले की सुनवाई 24 फरवरी तक स्थगित कर दी गई है। हरियाणा पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए नारायण साईं को गुजरात से पानीपत लाने की मंशा के तहत वहां की अदालत से साईं के प्रोडक्शन वारंट हासिल किए थे।
इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए नारायण साईं ने कहा था कि पूछताछ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये भी हो सकती है। इसके उलट उसे हरियाणा लाने में सरकार का पैसा लगेगा और वक्त भी लगेगा। इस दलील पर हाईकोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट पर रोक लगा दी थी।
इसी बीच पुलिस सूरत जेल से प्रोडक्शन वारंट पर नारायण साईं को लेकर हरियाणा आ गई। इसी कारण पुलिस पर अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई थी।
मंगलवार को जवाब दाखिल किया गया कि जिस वक्त हाईकोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट के क्रियांवयन पर रोक लगाई थी, हरियाणा पुलिस नारायण साईं को लेकर आने के दौरान रास्ते में थी, लिहाजा अवमानना कार्रवाई नहीं बनती। हाईकोर्ट ने सरकार के इस जवाब पर प्रोडक्शन वारंट पर लगी रोक हटा ली है।