चंडीगढ़ से आई सीबीआई की टीम ने सोमवार को केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय के आफिस में छापा मारकर रिश्वत के आरोप में एंटी इवेजन विंग के अधीक्षक सुदेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि सुदेश कुमार ने फतेहाबाद के चावल व्यापारी राजकुमार जिंदल से मामला रफादफा करने के लिए आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। एक लाख रुपये व्यापारी से ले लिए थे। सोमवार को व्यापारी सात लाख रुपये देने जीएसटी कार्यालय आया, लेकिन शक होने पर अधिकारी ने पैसे नहीं लिए। बाद में अधिकारी को सीबीआई ने हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद देर रात करीब 10 बजे उसे चंडीगढ़ ले गई। अधीक्षक को मंगलवार को सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।
फतेहाबाद के जिंदल राइस मिल के संचालक राजकुमार जिंदल ने बताया कि 20 जून को उन्हें जीएसटी की ओर से समन मिला। इसमें चावल व धान के क्रय-विक्रय सहित विदेशों में किए निर्यात का ब्योरा मांगा गया। जबकि खुले धान का कारोबार जीएसटी के दायरे में नहीं आता। 26 जून को वह रोहतक जीएसटी की एंटी इवेजन ब्रांच के अधीक्षक सुदेश कुमार से जाट भवन की कैंटीन में मिला। चावल व्यापारी का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए उससे 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई, लेकिन मामला 8 लाख में तय हुआ। व्यापारी ने कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं है, जिस पर उस पर अधिकारी ने पेनाल्टी लगाने की चेतावनी दी।
व्यापारी ने कहा कि वह रकम का इंतजाम करके बताएगा, लेकिन रिश्वत की रकम लेकर नहीं आने पर 17 जुलाई को अधिकारी का उनके चार्टर्ड एकाउंटेंट के पास फोन आया और कहा कि 14 अगस्त को राजकुमार जिंदल को आना था, लेकिन वह नहीं आए। 28 अगस्त को जाट भवन में अधिकारी की व्यापारी के साथ मुलाकात हुई। इस दौरान व्यापारी ने एक लाख रुपये सुदेश को दे दिए। साथ ही पूरी बातचीत का ब्योरा व कार की डिग्गी में पैसे रखने की वीडियो क्लिप बना ली। इसमें व्यापारी के मुंशी ने सहयोग किया। इसके बाद राजकुमार चंडीगढ़ सीबीआई में शिकायत की। सीबीआई ने राजकुमार को 31 अगस्त को चंडीगढ़ बुलाया।
सबूत लेने के बाद आश्वासन दिया कि वह मामले की पड़ताल करने के बाद सूचना देंगे। बताया जा रहा है कि सीबीआई की टीम तीन सितंबर को रोहतक आ गई। पुख्ता सबूत मिलने के बाद सीबीआई के कहने पर चावल व्यापारी राजकुमार ने चार सितंबर को सुदेश कुमार को फोन किया। सुदेश ने कहा कि वह दिल्ली की पीरागढ़ी में मिले। जब व्यापारी पीरागढ़ी पहुंचा तो कहा कि रोहिणी में है। इस तरह उस दिन बात नहीं बनी। इसके बाद छुट्टी होने की वजह से अधिकारी से मुलाकात नहीं हुई, फिर सीबीआई की टीम लौट गई। रविवार रात फिर सीबीआई की टीम सर्किट हाउस में आकर रुकी और सोमवार दोपहर दो बजे छापा मारकर जीएसटी अधीक्षक को गिरफ्तार कर लिया।
व्यापारी ने मेज पर रखे सात लाख, अधिकारी ने शक होने पर लौटाए
व्यापारी राजकुमार जिंदल ने बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे वह सुदेश कुमार के आफिस पहुंचा और सात लाख रुपये उनकी मेज पर रख दिये। सुदेश ने रुपये वापस ले जाने की बात कही। इसके बाद राजकुमार दो बजे दोबारा सुदेश के पास गया। दोनों में बातचीत हुई। जिंदल के बाहर आते ही सीबीआई ने सुदेश को हिरासत में ले लिया। इस मौके पर सीबीआई की टीम के साथ बीएसएनएल के बड़े अधिकारी गवाह के तौर पर मौजूद रहे। रात 10 बजे तक सीबीआई की टीम जीएसटी अधिकारी से उसके आफिस में पूछताछ करती रही। सबूत के लिए जाट भवन की कैंटीन के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी जब्त कर ली।