डेरा सिरसा विवाद के समय भी यह काफी सक्रिय रहा है। सीआईए स्टाफ ने उससे गहनता से पूछताछ की। पूछताछ में पाकिस्तान में बैठे आकाओं का खुलासा हुआ। साथ ही एयरफोर्स हलवारा में बतौर डीजल मैकेनिक तैनात रामपाल सिंह और हिमाचल निवासी साबिर अली के नाम सामने आ गए। आरोपी रामपाल आईएसआई को वायुसेना की जानकारी मुहैया करवा रहा था। उसके पिता भी हलवारा एयरफोर्स स्टेशन पर एमईएस ब्रांच में तैनात थे, अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
29 दिसंबर की देर शाम को थाना सुधार पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जकर रामपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह एयरफोर्स की खुफिया जानकारी पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट अदनान को मुहैया करवा रहा था। हलवारा एयरफोर्स की सूचनाएं बाहर जाने की खबर के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के आला अधिकारी जगरावं में डेरा जमा चुके है। सीआईए स्टाफ जगरावं में खुफिया एजेंसी के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार रामपाल सिंह ने माना है कि उसने एयरफोर्स से संबंधित कई जानकारी और फोटो आईएसआई एजेंट को भेजी हैं। खालिस्तानी संगठनों के संपर्क में होने के चलते वह और लोगों को इसके साथ जोड़ने का काम कर रहा था। ताकि पंजाब में दोबारा नेटवर्क को तैयार किया जा सके। इसके लिए उसे फंड मिलने की जानकारी भी आ रही है। फिलहाल इस मामले पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने साबिर अली को भी काबू कर लिया है लेकिन कोई अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।
मामला काफी गंभीर है, इसमें दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस गहनता से मामले की जांच कर रही है। गुरुवार को मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा। - चरणजीत सिंह सोहल, एसएसपी ग्रामीण लुधियाना।